स्‍वदेशी कोरोना टेस्‍ट किट ‘फेलुदा’ को मिली मंजूरी, 2 घंटे में पता चलेगा संक्रमण है कि नहीं

टाटा समूह का कहना है कि सीआरआईएसपीआर कोरोना टेस्‍ट (Corona Test) सबसे ज्‍यादा विश्‍वसनीय माने जाने वाले RT-PCR टेस्‍ट के बराबर ही सटीक नतीजे देगा. साथ ही इस प्रक्रिया में समय कम लगेगा और कीमत भी अधिक नहीं है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 9:32 am, Mon, 21 September 20

कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से निपटने के लिए वैज्ञानिक, शोधकर्ता, डॉक्‍टर्स और टेक्‍नोलॉजी कंपनियां लगातार खोज में लगी हुई हैं. इसी सिलसिले में टाटा समूह ने नए कोविड-19 टेस्‍ट किट (Covid-19 Test Kit) का निर्माण किया है. कंपनी ने क्‍लस्‍टर्ड रेग्‍युलरली इंटरस्‍पेस्‍ड शॉर्ट पैलिनड्रॉमिक रिपीट्स कोरोनावायरस टेस्‍ट (CRISPR Corona Test) को सीएसआईआर-इंस्‍टीट्यूट ऑफ जेनॉमिक्‍स एंड इंटिग्रेटिव बायोलॉजी (CSIR-IGIB) के साथ मिलकर तैयार किया है. साथ ही ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से कोरोनावायरस की जांच में टाटा के नए कोविड-19 टेस्‍ट ‘फेलुदा’ (Feluda) को सार्वजनिक इस्‍तेमाल की मंजूरी मिल गई है.

टाटा समूह का कहना है कि सीआरआईएसपीआर कोरोना टेस्‍ट सबसे ज्‍यादा विश्‍वसनीय माने जाने वाले RT-PCR टेस्‍ट के बराबर ही सटीक नतीजे देगा. साथ ही इस प्रक्रिया में समय कम लगेगा और कीमत भी अधिक नहीं है.

स्वदेशी CRISPR टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

इस टेस्‍ट में SARS-CoV-2 वायरस के जेनॉमिक सीक्‍वेंस का पता लगाने के लिए स्वदेशी सीआरआईएसपीआर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है. भविष्य में इस टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल दूसरी महामारियों के टेस्‍ट में भी किया जा सकेगा. कंपनी के अनुसार टाटा सीआरआईएसपीआर टेस्ट सीएएस-9 प्रोटीन का इस्तेमाल करने वाला दुनिया का पहला ऐसा परीक्षण है, जो सफलतापूर्वक कोविड-19 महामारी फैलाने वाले वायरस की पहचान कर लेता है.

फेलुदा को लेकर बताया जा रहा है कि ये 96 फीसदी तक सटीक नतीजे देता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बिलकुल प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट की तरह है. अगर यह कोरोनावायरस को पकड़ लेता है तो कागज की स्ट्रिप पर यह रंग बदल देता है.

सीईओ गिरीश कृष्णमूर्ति का बयान

इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च ने इसे भारतीय वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उपलब्धि बताई है. दूसरी तरफ, टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड के सीईओ गिरीश कृष्णमूर्ति ने कहा कि COVID-19 के लिए Tata CRISPR टेस्ट के लिए स्वीकृति वैश्विक महामारी से लड़ने में देश के प्रयासों को बढ़ावा देगी.

उन्होंने कहा कि टाटा सीआरआईएसपीआर परीक्षण का व्यावसायीकरण देश में जबरदस्त आरएंडडी प्रतिभा को दर्शाता है, जो वैश्विक स्वास्थ्य सेवा और वैज्ञानिक अनुसंधान जगत में भारत के योगदान को बदलने में सहयोग कर सकता है.