‘अनलॉक’ के कुछ महीने बाद ही धूल, जहरीली गैस से ढक गया ताजमहल

अनलॉक के कुछ ही महीनों बाद आगरा का ताजमहल (Tajmahal) पूरी तरह धूल और जहरीली गैसों के बादल से ढक गया है. आस पास के इलाकों में फैले वायु प्रदूषण के कारण ऐसा देखने को मिल रहा है. ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में एक है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 4:38 pm, Thu, 15 October 20
वायु प्रदूषण के कारण धुंध में ढका ताजमहल।

कोरोना वायरस (Corona VIrus) के कारण पूरे देश ने लॉकडाउन (Lockdown) देखा है. लॉकडाउन के दौरान यह भी देखने को मिला कि वायु प्रदूषण का स्तर काफी गिर गया. लेकिन अब जैसे-जैसे अनलॉक हो रहा है, वैसे-वैसे हवाओं में जहर घुल रहा है. अनलॉक के कुछ ही महीनों बाद आगरा का ताजमहल पूरी तरह धूल और जहरीली गैसों के बादल से ढक गया है. आस पास के इलाकों में फैले वायु प्रदूषण के कारण ऐसा देखने को मिल रहा है. ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में एक है.

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए स्थानीय निवासी आशीष सिंह ने बताया ”वायु प्रदूषण भयानक स्थिति में पहुंच गया है. इस कारण से सांस लेनें में भी समस्याएं आ रही हैं. प्रशासन इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. हवा में धूल बढ़ रहा है, जो स्मारक के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य को भी बिगाड़ रही है.”

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एक अन्य निवासी गौरव गुप्ता ने कहा, “आगरा भारत के सबसे प्रदूषित शहरों में 9वें स्थान पर है. वहां हर जगह निर्माण चल रहा है. बढ़ते प्रदूषण के कारण हमें सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही है.”

चलाई जाएंगी इलेक्ट्रिक बसें

राष्ट्रीय स्मारक सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सईद मुन्नवर अली ने इस बात की जानकारी दी कि प्रशासन कैसे ताजमहल के आसपास बढ़ते प्रदूषण और नुकसान को रोकने के लिए योजना बनाता है. अली ने एएनआई को बताया, “हमने आगरा में ताजी ऑक्सीजन को प्रेरित करने और प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए वृक्षारोपण अभियान शुरू किया है. हमने सभी निर्माण स्थलों को निर्देश दिया है ताकि वे उन साइटों से निकलने वाली धूल और गंदगी को कम करें.”

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उन्होंने आगे कहा कि ताजमहल को बचाने और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी. ये बसें ताजमहल के नजदीक चलेंगी. इन बसों से किसी भी तरह की जहरीली गैस नहीं निकलेगी. इस वजह से ताजमहल के संगमरमर को भी नुकसान नहीं होगा.