वित्त मंत्रालय की जांच में खुलासा, नोटबंदी में 94 हजार गुना बढ़ी गुजराती आभूषण कारोबारी की आय

बैंकों में बेहिसाब नकदी जमा करवाने वाले कुछ कारोबारियों की जांच में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पाया कि उन्होंने तो अपनी सालाना आमदनी कुछ लाख रुपये दिखाई थी, लेकिन जमा करोड़ों करवाए.

नोटबंदी के दौरान किए गए जालसाजियों का धीरे-धीरे पर्दाफाश हो रहा है. उस दौरान बैंकों में नकद जमा करवाने में काफी अनियमितता सामने आई है. सबसे ज्यादा हैरान करने वाला मामला गुजरात के सूरत जिले में सामने आया है. एक आभूषण कारोबारी ने नोटबंदी (9 नवंबर से 30 दिसंबर 2016) के दौरान 4.14 करोड़ रुपये नकद बैंकों में जमा करवाए थे. जबकि इससे एक साल पहले इसी अवधि में उस कारोबारी की जमा रकम 44,260 रुपये थी. कारोबारी की आय में 93,648 फीसदी की बढ़त सामने आई है.

बैंकों में बेहिसाब नकदी जमा करवाने वाले कुछ कारोबारियों की जांच में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पाया कि उन्होंने तो अपनी सालाना आमदनी कुछ लाख रुपये दिखाई थी, लेकिन जमा करोड़ों करवाए. आंकड़ों के विश्लेषण के साथ ही वित्त मंत्रालय ने इस मामले में जांच तेज कर दी है. एक आभूषण कारोबारी जिसकी सालाना आय सिर्फ 1.16 लाख रुपये थी उसने तीन दिन में 4.13 करोड़ रुपये जमा करवाए.

लखपति कारोबारियों दो दिन में जमा करवाए करोड़ों

मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक देश के कई आभूषण कारोबारियों ने नोटबंदी के दौरान बैंकों में बड़ी रकम जमा करवाई थी. जांच के दायरे में आए इन कारबारियों ने आकलन वर्ष 2017-18 के अपने आयकर रिटर्न में इस तरह के लेन-देन की कोई जानकारी नहीं दी थी. कई आभूषण कारोबारियों जिन्होंने रिटर्न में अपनी आय 5 लाख से कम दिखाई थी उन्होंने नोटबंदी के दौरान 2-3 दिन में ही करोड़ों रुपये की नकदी जमा करवाई.

एक मामले में 2.66 लाख रुपये की आय वाले एक आभूषण कारोबारी ने दो दिन में 3.28 करोड़ रुपये और 5.4 लाख रुपये की आय दिखाने वाले दूसरे कारोबारी ने 2.57 करोड़ रुपये जमा कराए. एक आभूषण कारोबारी रिटर्न में जिसकी सालाना आय सिर्फ 3.23 करोड़ रुपये थी, उसने 52.26 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा करवाए. एक कारोबारी के पास 9 नवंबर 2015 में सिर्फ 2.64 लाख रुपये की नकदी थी. उसके पास 9 नवंबर 2016 तक 6.22 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी हो गई. नकदी में अचानक 23,490 फीसदी को लेकर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका.

बैंककर्मी के बाद आभूषण कारोबारियों की जांच

इस तरह के फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद कहा जाने लगा है कि नोटबंदी की कोशिशों में पलीता लगानेवालों में पहले बैंककर्मियों पर निशाना साधा जाता था जबकि आभूषण कारोबारियों ने भी कम खेल नहीं किया है. वहीं जांच तेज होने के बाद ऐसे कुछ और मामले खुलने की संभावना बताई जा रही है.

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