FinCEN लीक: भारतीयों के संदिग्ध लेन-देन पर यूएस की रही नजर, कई केसों में जांच शुरू करवाने में हुई मदद

विदेश में भारतीयों के संदिग्ध लेन-देन पर अमेरिका के टॉप नियामक फिनसेन (FinCEN) की भी नजर रहती थी. इतना ही नहीं कई केसों में तो भारत में उनकी जांच ही FinCEN रिपोर्ट में नाम आने के बाद शुरू हुई.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:14 pm, Mon, 21 September 20
FinCEN Files

व्यापारी, नेता और कंपनी बैंकों के रास्ते किस तरह दूसरे देशों में पैसा भेजती हैं और किस तरह वे जांच एजेंसियों के चंगुल में फंस जाती हैं इसपर बड़ा खुलासा हुआ है. इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने FinCEN फाइल नाम से यह खुलासा किया है. इसमें बताया गया है कि भारतीयों के संदिग्ध लेन-देन पर अमेरिका के टॉप नियामक फिनसेन (FinCEN) की भी नजर रहती थी. इतना ही नहीं कई केसों में तो भारत में उनकी जांच ही FinCEN रिपोर्ट में नाम आने के बाद शुरू हुई.

FinCEN खुलासे में गुप्त वित्तीय लेनदेन और बैंकिंग से जुड़े राज सामने आए हैं. बता दें कि अमेरिकी नियामक फिनसेन (FinCEN) संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट (SAR) नाम से सीक्रेट दस्तावेज तैयार करता है. इसमें 1999 से 2017 के बीच की 2,121 संदिग्ध गतिविधियों का जिक्र है. इनके जरिए 2.099 ट्रिलियन डॉलर का संदिग्ध लेनदेन हुआ.

कैसे आता है SAR में नाम

दरअसल, जब किसी बैंक को किसी लेन-देन पर शक होता है. तो वह इसकी शिकायत शिकायत फिनसेन (FinCEN) से करता है. छह से ज्यादा बैंकों ने ऐसे लेनदेन पर शक जाहिर करते हुए शिकायत दी थी. इस शिकायत को बहुत गोपनीय रखा जाता है. अकाउंट होल्डर को भी इसकी जानकारी नहीं दी जाती.

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फिर फिनसेन ने इसकी जानकारी भारतीय एजेंसियों को सौंपी, जिसके बाद कई मामलों की जांच शुरू हुई. जिन संस्थाओं का लेन-देन संदिग्ध पाया गया था वे 2जी घोटाले, अगुस्ता वेस्टलैंड घोटाला, रॉल्स रायस घूस कांड, एयरसेल मैक्सिस केस से जुड़ी थीं.

ये संदिग्ध लेन-देन जेल में बंद स्मगलर, डायमंड कंपनी के मालिक, घोटाले में शामिल हेल्थकेयर ग्रुप, दिवालिया स्टील फर्म, लग्जरी कार डीलर, आईपीएल का एक स्पॉन्सर, एक कथित हवाला डीलर जिसकी वजह से ईडी में आपसी फूट हुई, डॉन का मुख्य फाइनेंसर आदि के थे.