पीएम मोदी के अच्छे कामों की तलाश करना ऐसे ही है जैसे ‘भूसे के ढेर से सुई खोजना’: सलमान खुर्शीद

सलमान खुर्शीद ने कहा कि जिस तरह से देश को चलाया जा रहा है, उससे कांग्रेस खासी चिंतित है. उनका यह बयान जयराम रमेश की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी का गवर्नेंस मॉडल पूरी तरह से निगेटिव स्टोरी नहीं है.

नई दिल्ली: जब से Article 370 को जम्मू कश्मीर से हटाया गया है तभी से कांग्रेसी नेतृत्व में मतभेद शुरू हो गए. कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया था. वहीं कांग्रेसी नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि पीएम मोदी के अच्छे कामों की तलाश की जाए तो ये ‘भूसे के ढेर में सुई खोजने’ जैसा होगा.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, शशि थरूर और अभिषेक मनु सिंघवी ने हाल ही में कहा था कि मोदी के हर काम की निंदा करने से बचना चाहिए. अब इन नेताओं के बयानों पर परोक्ष रूप से टिप्पणी करते हुए पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि यदि पीएम मोदी के अच्छे कामों की चलाश की जाए तो ये ‘भूसे के ढेर में सुई’ खोजने जैसा ही होगा.

सलमान खुर्शीद ने कहा कि जिस तरह से देश को चलाया जा रहा है, उससे कांग्रेस खासी चिंतित है. उनका यह बयान जयराम रमेश की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी का गवर्नेंस मॉडल पूरी तरह से निगेटिव स्टोरी नहीं है. उन्होंने कहा था कि यदि हम उनके अच्छे कामों को नकारते हुए हमेशा निंदा ही करें तो इससे कोई लाभ नहीं होगा. इसके बाद शशि थरूर और अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कहा था कि पीएम मोदी की उनके सही कामों के लिए प्रशंसा करनी चाहिए.

खुर्शीद ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मेरे दृष्टिकोण से पीएम मोदी ने क्या अच्छा किया, यह तलाशना ऐसे ही है, जैसे भूसे में सुई की खोज की जाए.’ मोदी को लेकर जयराम रमेश और अन्य नेताओं के बयानों को लेकर उन्होंने कहा कि वह किसी एक नेता को लेकर अपनी बात नहीं कहना चाहते. रमेश पर उन्होंने कहा, ‘उन्होंने वह कहा जो उन्हें कहना था. हर कोई अपनी तरह से चीजों को समझता है और उसका विश्लेषण करता है. लेकिन, जैसा कि मैंने कहा कि मेरे लिए पीएम मोदी के बारे में कुछ अच्छा खोजना भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा है.’

कांग्रेस को लेकर गांधी परिवार की भूमिका पर खुर्शीद ने कहा कि इस बात में कोई दोराय नहीं है कि फिलहाल पार्टी के लिए यह प्रमुख केंद्र है। 66 वर्षीय नेता ने कहा, ‘बीजेपी क्या कहती है और नतीजे क्या हैं, वह अलग बात है। लेकिन हम यह मानते हैं कि उनकी वजह से हमारा मनोबल बढ़ता है।’ पार्टी में आंतरिक कलह को थामने में सोनिया गांधी की भूमिका को लेकर खुर्शीद ने कहा कि निश्चित तौर पर वह पार्टी को मजबूत करने में सक्षम होंगी।