DCW ने स्पा सेंटरों में सेक्स रैकेट का किया भंडाफोड़, दर्ज हुई FIR

दिल्ली महिला आयोग पिछले तीन दिनों से दिल्ली के स्पा सेंटरों में औचक निरीक्षण कर रहा है.

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग के निरीक्षण के दौरान स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पा सेंटर “क्राउन स्पा” मधु विहार के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की है.

पांच सितंबर को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने आयोग की सदस्यों प्रोमिला गुप्ता, किरण नेगी, वंदना सिंह और फिरदोस खान और आयोग के अन्य कर्मचारियों के साथ मधु विहार में स्पा सेंटर ‘क्राउन स्पा’ का औचक निरीक्षण किया था.

निरीक्षण के दौरान, आयोग ने पाया कि स्पा केंद्र में ‘मालिश’ की आड़ में वेश्यावृत्ति की गतिविधियां हो रहीं थीं. बंद कमरों में कई पुरुषों को पकड़ा गया और इस दौरान 7 लड़कियों को केंद्र से रेस्क्यू किया गया. स्पा के पास दिल्ली नगर निगम का लाइसेंस था. मधु विहार थाने में आईटीपीए की धारा 3 के तहत मामले में एफआईआर दर्ज की गई है.

दिल्ली महिला आयोग पिछले तीन दिनों से दिल्ली के स्पा सेंटरों में औचक निरीक्षण कर रहा है. चार सितंबर को, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने आयोग की सदस्यों के साथ नवादा के दो स्पा सेंटरों, ‘जन्नत स्पा सेंटर’ और ‘जैस्मीन स्पा सेंटर ’का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान आयोग ने पाया कि इन स्पा केंद्रों से सेक्स रैकेट चल रहा था और इन केंद्रों से स्कूल जाने वाली एक लड़की सहित 9 लड़कियों को बचाया गया था.

‘जन्नत स्पा’ के पास एमसीडी का लाइसेंस है, मगर ‘जैस्मिन स्पा’ के पास यह भी नहीं था. 4 दिन बीतने के बावजूद मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस और एमसीडी को समन जारी किया है और मामले में रिपोर्ट मांगी है.

दिल्ली महिला आयोग की टीम ने जिसमें अध्यक्षा स्वाति मालीवाल और आयोग की सदस्य शामिल थीं कड़कड़डूमा स्थित क्रॉस रिवर मॉल, राजौरी गार्डन स्थित टीडीआई मॉल और पंजाबी बाग क्लब रोड में स्पा सेंटरों का औचक निरीक्षण किया. वहां कई स्पा सेंटर चल रहे थे और जैसे ही दिल्ली महिला आयोग की टीम वहां पहुंची, उनमें से कई बंद हो गए.

दिल्ली महिला आयोग को स्पा सेंटरों में चल रहे सेक्स रैकेट के बारे में दिल्ली भर से कई शिकायतें मिलती रही हैं. आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, “मधु विहार थाने ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, मगर मोहन गार्डन और उत्तम नगर थाने ने ऐसा नहीं किया. जब मधु विहार थाने में स्पा मालिकों के खिलाफ आईटीपीए की धारा 3 के तहत एफआईआर दर्ज हो सकती है तो अन्य थाने क्यों नहीं कर सकते? ऐसे गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज न करने से दिल्ली पुलिस के खिलाफ लोगों में स्पष्ट रूप से धारणा बनती है जिसे तोड़ना चाहिए. हमने दिल्ली पुलिस और एमसीडी को समन किया है और हम राजधानी में इस अवैध सेक्स व्यापार को बंद करने की पूरी कोशिश करेंगे.”