ओडिशा : Covid-19 हॉस्पिटल में लगी आग, 127 मरीजों को सुरक्षित निकाला गया

सद्गुरु कोविड हॉस्पिटल (Covid Hospital) एक महीने पहले शुरू हुआ है, इसमें 150 जनरल वार्ड बेड और 24 ICU बेड्स हैं. आग ने भुवनेश्वर और कटक में कोविड के मरीजों के लिए बेडों की उपलब्धता मुश्किल बना दिया है.

fire
सांकेतिक फोटो

ओडिशा के कटक जिले के जगतपुर शहर स्थित कोविड-19 (Covid-19) अस्पताल में आग लग गई. आग सुबह ICU में लगी. इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ है. 127 कोरोना मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया. फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) के अधिकारियों ने कहा कि जगतपुर इलाके के सद्गुरु कोविड हॉस्पिटल में सुबह शॉर्ट सर्किट के कारण ग्राउंड फ्लोर के ICU में आग लग गई. ICU और हॉस्पिटल के अन्य कमरों में धुआं जाते ही मरीजों को निकालने का काम शुरू हो गया. धुएं के कारण कुछ मरीज बेहोश हो गए.

मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुकांता सेठी ने कहा कि किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. मरीजों को दूसरे कोविड हॉस्पिटल (Covid Hospital) में एंबुलेंस और बसों के जरिए भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा कि ”हालांकि अभी तक आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन ऐसा लगता है कि ICU में बिजली का शॉर्ट सर्किट हुआ था जिससे आग लगी. दो फायर टेंडरों के जरिए आग पर काबू पाया गया.”

सद्गुरु कोविड हॉस्पिटल एक महीने पहले शुरू हुआ है, इसमें 150 जनरल वार्ड बेड और 24 ICU बेड्स हैं. आग ने भुवनेश्वर और कटक में कोविड के मरीजों के लिए बेडों की उपलब्धता को मुश्किल बना दिया है, क्योंकि कोरोना के बढ़े मामलों के कारण पहले से ही बेडों की कमी है. सोमवार को प्रदेश में कोरोना के 4,330 नए मामले सामने आए.

कोविड अस्पतालों में पहले भी लगी आग

6 अगस्त को अहमदाबाद के कोविड हॉस्पिटल के ICU वार्ड में भीषण आग लगी थी. इस आग में तीन महिलाओं समेत आठ लोगों की जान गई थी. 9 अगस्त को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक होटल में आग लग गई थी, इस होटल को कोविड अस्पताल के रूप में बनाया गया था. आग लगने के कारण यहां 10 लोगों की जान गई थी. विजयवाड़ा और अहमदाबाद की आग के बाद ओडिशा अग्निशमन विभाग ने कोरोना अस्पतालों में फायर सर्विस ऑडिट किया था.

भुवनेश्वर में अक्टूबर 2016 में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भीषण आग लगी थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. इस घटना के बाद से ही राज्य सरकार अस्पतालों में फायर सेफ्टी के लिए ज्यादा चिंतित है.

Related Posts