भारत और मालदीव के बीच शुरू हुई पहली सीधी कार्गो फेरी सेवा, जानिए क्या होगा व्यापार पर असर

भारत और मालदीव (India and Maldives) के बीच सोमवार को पहली सीधी कार्गो फेरी सेवा (Cargo Ferry Service) शुरू हो गई. दावा किया जा रहा है कि इससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा.

भारत और मालदीव (India and Maldives) के बीच सोमवार को सीधी कार्गो फेरी सेवा (Cargo Ferry Service) शुरू हो गई. दोनों पड़ोसी देशों को जोड़ने वाली यह पहली सीधी कार्गो शिपिंग लाइन है. 2019 में अपने मालदीव विजिट के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इसकी घोषणा की थी.

केंद्रीय शिपिंग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मांडविया और मालदीव की सड़क एवं नागरिक उड्डयन मंत्री ऐशथ नाहुला ने साझा रूप से इस सेवा की शुरुआत एक ई-फ्लैग ऑफ सेरेमनी में की. 13 अगस्त 2020 को भारत और मालदीव के विदेश मंत्रियों के बीच एक वर्चुअल मीटिंग में दोनों देशों के बीच इस कार्गो फेरी सर्विस की घोषणा हुई थी.

फेरी सेवा महीने में दो बार चलेगी. शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया 380 TEU क्षमता वाले जहाज से इसका संचालन करेगी. इस सेवा से भारत और मालदीव के बीच कार्गो की आवाजाही के लिए सीधी कनेक्टिविटी होगी, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा.

पड़ोसी देश होने के बावजूद भारत वर्तमान में मालदीव का चौथा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है. मालदीव यूएई, चीन और सिंगापुर से ज्यादा आयात करता है. इस सेवा की शुरुआत से ट्रांसपोर्ट खर्च में कमी आएगी, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की उम्मीद है.

निर्यात में भी होगी आसानी

हालांकि मालदीव एक 100% आयात पर निर्भर देश है पर इस सेवा की शुरुआत से मालदीव भारत को निर्यात भी कर पाएगा. फेरी में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा है, जिससे मालदीव से ट्यूना मछली और दूसरे समुद्री फूड को निर्यात करने में आसानी होगी.

इस सेवा की शुरुआत से दोनों देशों में खासा उत्साह है. FICCI ने इस सेवा के प्रचार में तूतीकोरिन, कोच्चि और मुंबई में तीन वर्चुअल रोड शो आयोजित किए. निर्यातक भी इस सेवा की शुरुआत से उत्साह में हैं.

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर

भारत सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि यह सेवा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधारक साबित होगी. हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए सरकार कई परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है.

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