भारी बारिश के बाद 30 लोगों की मौत, उत्तर भारत में बाढ़ जैसे हालात, दिल्ली पर भी संकट के बादल

आपदा प्रबंधन और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराने के लिए पुलिस के अलावा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें लगाई गई हैं.


उत्तर भारत के कई इलाक़ों मे भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात हैं. केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और बिहार के बाद अब हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में भी भारी बारिश की वजह से नदियां उफ़ान पर है. इन इलाक़ों में रविवार को हुई भारी बारिश के बाद लगभग 30 लोगों के मौत की ख़बर है जबकि 20 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं.

इधर दिल्ली में भी यमुना नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. रविवार को हथिनि कुंड बैराज से 8.14 लाख़ क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है.

देशभर में बाढ़ के हालात को लेकर गृह मंत्रालय में सोमवार को उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक हुई. इसमें गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, गृह राज्यमंत्री नित्यानन्द राय सहित आपदा प्रबंधन विभाग के आला अधिकारी शामिल हुए. बैठक में बाढ़ के हालात पर चर्चा हुई. साथ ही राहत व बचाव सामग्री जरूरतमंद लोगों को जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए गए.

दिल्ली में बाढ़ की चेतावनी

दिल्ली में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. सरकार ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है. इसके साथ-साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को वहां से सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है, क्योंकि यमुना नदी का जलस्तर के सोमवार को खतरे के निशान को पार करने की आशंका है.

अधिकारियों ने बताया कि रविवार की शाम युमना नदी में जलस्तर 203.37 मीटर तक पहुंच गया था. सोमवार तक इसे बढ़कर 207 मीटर तक पहुंचने की आशंका है, क्योंकि हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से शाम 6 बजे आठ लाख 28 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है.

पूर्वी दिल्ली जिला ने एक आदेश में कहा है, ‘भारी बारिश के कारण जल स्तर बढ़ रहा है और साथ ही हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने और यमुना का जल स्तर सोमवार सुबह 10 बजे तक 207 मीटर तक बढ़ सकता है. इससे जान माल के नुकसान का खतरा पैदा हो गया है.’ सभी उप-विभागीय मजिस्ट्रेटों को सोमवार सुबह 9 बजे तक दिल्ली पुलिस और नागरिक सुरक्षा स्वयं सेवकों की मदद से निचले इलाकों के लोगों को निकालने का निर्देश दिया गया है.

उत्तराखंड में बादल फटा

उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक में शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात बादल फटने से यमुना की सहायक नदियों में आयी बाढ ने कई गांवों में तबाही मचायी जिसमें आराकोट, माकुडी और टिकोची आदि में कई मकान ढह गये. जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने बताया कि उनके द्वारा बचाव और राहत कार्यों में शिमला व देहरादून के जिलाधिकारियों से सहयोग मांगा गया है.

लगातार बारिश तथा मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए जिलाधिकारी चौहान ने कक्षा एक से 12 तक के सरकारी, गैर सरकारी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में 19 अगस्त को अवकाश घोषित कर दिया है. देहरादून के जिलाधिकारी सी रविशंकर ने भी सोमवार को भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए स्कूलों में छुटटी घोषित कर दी है. संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्र की नदियों तथा बरसाती नदी-नालों पर भी विशेष नजर बनाये रखने को कहा है.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी उत्तरकाशी के आराकोट व उसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश और आपदा के प्रभावितों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने व राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं.

चारधाम यात्रा मार्ग पर भी कई स्थानों पर भूस्खलन होने से यात्रा अवरूद्ध हो गयी है. केदारनाथ यात्रा पैदल मार्ग पर मंदाकिनी नदी पर बना एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया है जिसके चलते उसे बीच में ही रोकना पड़ा.

इसी प्रकार बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर भी कई जगह भूस्खलन होने से यातायात अवरूद्ध है. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि इससे चारधाम यात्रा पर केवल आंशिक प्रभाव पड़ा है.

कैलाश—मानसरोवर यात्रा मार्ग में भूस्खलन का मलबा आ जाने के कारण यात्रा प्रभावित हुई है तथा तीर्थयात्रियों को सुरक्षित जगह पर ले जाया जा रहा है.

हिमाचल प्रदेश में आफ़त की बारिश

हिमाचल प्रदेश में रविवार को भारी बारिश से उपजे हालात के बाद 22 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य लोग घायल हो गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि 9 लोगों की मौत शिमला में जबकि सोलन में 5 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा कुल्लू, सिरमौर, और चंबा में 2-2 व्यक्तियों की और उना तथा लाहौल-स्पीति जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है.

पुलिस ने बताया कि आरटीओ ऑफिस के पास हुए भूस्खलन की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया. शिमला जिले के नारकंड क्षेत्र में एक मकान पर पेड़ गिरने से नेपाल के रहने वाले दो व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए.