दिल्ली दंगा : तिहाड़ भेजे गए आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन

आप (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) जिन पर दिल्ली में दंगा भड़काने का आरोप है, न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिए गए हैं. ताहिर पर मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच चल रही है.

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उत्तरी पूर्वी दिल्ली दंगा (Delhi Riots) मामले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के एक केस में आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) को दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है. ताहिर ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में तीन दिन के ईडी की हिरासत में भेजे जाने के आदेश को चुनौती देते हुए बुधवार को कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.

हुसैन ने अपनी याचिका में निचली अदालत की ओर से सात सितंबर को दिए गए आदेश को रद्द करने और उसे तुरंत तिहाड़ जेल भेजने के लिए ईडी को निर्देश देने का अनुरोध किया था. मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस योगेश खन्ना ने हुसैन के वकील से उस फैसले को रिकॉर्ड में रखने के लिए कहा जिसका वह जिक्र कर रहे थे.

ईडी सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और दंगों को भड़काने के लिए ताहिर हुसैन और उनके करीबी लोगों के जरिए कथित 1.10 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप की जांच कर रहा है. हुसैन ने अपनी याचिका में कहा कि ईडी ने 20 अगस्त को उसे तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था और 28 अगस्त को उसे छह दिन के लिए एजेंसी की हिरासत में भेज दिया गया.

ईडी ने एक बार फिर ताहिर की हिरासत की अवधि नौ दिन बढ़ाने की मांग की और सात सितंबर को कोर्ट ने उसे तीन की महौलत दी और यह निर्देश दिया कि उसे 10 सितंबर को तिहाड़ जेल प्रशासन को सौंप दिया जाए. कोर्ट में हुसैन के वकील ने निचली अदालत के आदेश को इस आधार पर चुनौती दी थी कि 15 दिनों की पुलिस हिरासत की अवधि औपचारिक गिरफ्तारी की तारीख से शुरू होनी है, जो 20 अगस्त है.

ईडी की ओर से कोर्ट में पेश हुए एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने गुरुवार को जस्टिस योगेश खन्ना की कोर्ट में कहा कि, ‘हम उसकी आगे की हिरासत नहीं मांग रहे हैं.’ जिसके बाद उसे तिहाड़ जेल को सौंप दिया गया.

हुसैन की ओर से ईडी के रिमांड को बढ़ाने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देती हुई एक याचिका दायर की गई थी. जिसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट में ईडी को पेश होना पड़ा. बता दें कि बीते 27 अगस्त को पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने हुसैन की सदस्यता रद्द कर दी थी और अब वो आम आदमी पार्टी के पार्षद नहीं है. दिल्ली हिंसा में नाम आने के बाद उन्हें पद से निलंबित कर दिया गया था.

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