आर्टिकल 370 रद्द करने के फैसले को पूर्व नौकरशाहों ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

भारत के राष्ट्रपति द्वारा संविधान के आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने के फैसले को रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों और नौकरशाहों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है.

सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दाखिल कर आर्टिकल 370 के दो खंडों को हटाए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है. इस बार भारत के राष्ट्रपति द्वारा संविधान के आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने के फैसले को रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों और नौकरशाहों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है.

याचिकाकर्ता में जम्मू और कश्मीर के लिए गृह मंत्रालय के इंटरलोक्यूटर्स ग्रुप के एक पूर्व सदस्य राधा कुमार, जम्मू और कश्मीर कैडर से संबंधित एक पूर्व आईएएस अधिकारी हिंडल हैदर तैयबजी, एयर वाइस मार्शल (रिटायर्ड) कपिल काक, जो रक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान के उप निदेशक भी थे, के हस्ताक्षर हैं.

मेजर जनरल (रिटायर्ड) अशोक कुमार मेहता, पंजाब कैडर के पूर्व IAS अमिताभ पांडे. केरल कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी गोपाल पिल्लई जो 2011 में केंद्रीय गृह सचिव के रूप में रिटायर हुए थे, भी याचिकाकर्ता हैं. याचिका अधिवक्ता अर्जुन कृष्णन, कौस्तुभ सिंह और राजलक्ष्मी सिंह द्वारा तैयार की गई है और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशान्तो सेन द्वारा सेट की गई है.

मालूम हो कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्ज देने वाले आर्टिकल 370 को हटा लिया गया था. इसके बाद राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित भी कर दिया गया. इस फैसले के बाद से ही घाटी में माहौल सामान्य रखने के लिए कई प्रतिबंध भी लगाए गए.

ये भी पढ़ें: भूटानी जमीन पर NaMo के दूसरी बार कदम, पढ़ें क्यों रगों में बसे हैं हम और किससे है बचाना इसे?