पूर्व CJI जस्टिस रंजन गोगोई ने बताया, आखिर क्यों बने राज्यसभा के सदस्य

देश के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Former Chief Justice Ranjan Gogoi ) अब राज्यसभा (Rajya Sabha) सांसद बन चुके हैं. रंजन गोगोई का कहना है कि राज्यसभा में उनका भेजा जाना सरकार का कोई गिफ्ट नहीं है, बल्कि देश की सेवा करने का मौका है.
Cji ranjan gogoi

देश के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Former Chief Justice Ranjan Gogoi ) अब राज्यसभा (Rajya Sabha) सांसद बन चुके हैं. राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया था. वहीं, विपक्ष ने रंजन गोगोई के राज्यसभा भेजे जाने पर सवाल खड़े किए थे. अब गोगोई ने खुद आरोपों पर जवाब दिया है.

रंजन गोगोई का कहना है कि राज्यसभा में उनका भेजा जाना सरकार का कोई गिफ्ट नहीं है, बल्कि देश की सेवा करने का मौका है. टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, गोगोई ने कहा कि अगर उन्हें सरकार से गिफ्ट ही लेना होता तो क्या वे सिर्फ राज्यसभा की सदस्यता से मान जाते.

गोगोई ने कहा कि दो-तीन दिनों से ऐसा लगता है कि जैसे उन्होंने कोई एटम बम गिरा दिया हो. गोगोई ने कहा कि उन्होंने सोचा कि यह एक ऐसा मौका है जिसके जरिए वे अपनी विशेषज्ञता से संसदीय चर्चाओं को समृद्धि कर सकते हैं.

राज्यसभा भेजे जाने पर हो रहे हंगामे पर गोगोई ने कहा कि क्या संविधान की कद्र इस तरह से करनी चाहिए? उन्होंने कहा कि CJI के रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली सैलरी के बराबर या उससे कम ही रकम सांसद के तौर पर मिलती है. सांसद को आवास भी उस स्तर का नहीं दिया जाता है. फिर भी अगर कहा जाएगा कि ये सरकार का गिफ्ट है तो ऐसा विचार देश के दुश्मन का ही हो सकता है.

सुप्रीम कोर्ट के जजों के प्रेस कांफ्रेंस करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उन्होंने मीडिया से इसलिए बात की क्योंकि लगा कि चीजें बेहतर होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रेस कांफ्रेंस का मुद्दा जज लोया केस नहीं था. गोगोई ने कहा कि तत्कालीन CJI दीपक मिश्रा काफी संवेदनशील थे, इसलिए उन्होंने बातें समझी और सुप्रीम कोर्ट के भीतर चीजें सुधरीं.

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