‘करकरे के बारे में ये सुनना तकलीफदेह’, प्रज्ञा के बयान पर बोले पूर्व डीजीपी

पूर्व डीजीपी अनामी रॉय ने हेमंत करकरे को याद करते हुए कहा, "वो पूरी तरह से प्रोफेशनल शख्स थे. उनका किसी तरह का राजनीतिक सुझाव नहीं था."
Pragya Thakur, ‘करकरे के बारे में ये सुनना तकलीफदेह’, प्रज्ञा के बयान पर बोले पूर्व डीजीपी

नई दिल्ली: भाजपा उम्मीदवार और मालेगांव विस्फोट मामले की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर के एटीएस प्रमुख रहे दिवंगत हेमंत करकरे पर दिए विवादित बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है. इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी अनामी रॉय ने प्रज्ञा के इस बयान को अनैतिक और अशिष्ट बताया है.

डीजीपी रॉय ने कहा, “ठाकुर के बयान से मैं सच में आहत हुआ हूं. इसके बाद भी मैं आपसे बात कर रहा हूं क्योंकि जिसके बारे में कहा जा रहा है वो अपने बचाव के लिए जिंदा नहीं है.”

‘…तकलीफदेह है ऐसा सुनना’
करकरे को याद करते हुए उन्होंने कहा, “वो पूरी तरह से प्रोफेशनल शख्स थे. उनका किसी तरह का राजनीतिक सुझाव नहीं था. वो शख्स अपना बचाव करने के लिए जिंदा नहीं है. सहकर्मी होने के नाते उनके बारे में ऐसा सुनना तकलीफदेह है.”

बता दें कि महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी अनामी रॉय  के कार्यकाल में ही हेमंत करकरे के नेतृत्व में एटीएस ने 2008 मालेगांव ब्लाट मामले में प्रज्ञा को आरोपी बनाया था.

‘मालेगांव ब्लास्ट की जांच में नहीं था दबाव’
उन्होंने कहा, “एटीएस मुझे रिपोर्ट करती थी. मैं पूरी तरह से जांच की निगरानी प्रक्रिया और आरोपपत्र दाखिल किए जाने की प्रक्रिया में शामिल था. जोकि बिलकुल पेशेवर ढंग बिना किसी दबाव और प्रभाव के की गई थी.”

डीजीपी रॉय ने कहा कि ‘चार्जशीट इस बात को साबित करती है कि आरोपियों को दोषमुक्त नहीं किया गया. ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों पर चार्जेस लगाए हैं और जांच अभी जारी है.’

प्रज्ञा ने कही थी ये बात 
प्रज्ञा ने कोलार क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से बात करते हुए शुक्रवार कहा था कि ‘उन दिनों वह मुंबई जेल में थीं. जांच आयोग ने सुनवाई के दौरान एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि जब प्रज्ञा के खिलाफ कोई सबूत नहीं है तो उन्हें छोड़ क्यों नहीं देते.’

प्रज्ञा के मुताबिक, इस पर हेमंत ने उनसे कई तरह के सवाल पूछे, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि “यह भगवान जाने.” इस पर करकरे ने कहा था कि “तो, क्या मुझे भगवान के पास जाना होगा?”

‘तेरा सर्वनाश होगा’
प्रज्ञा ने कहा, “उस समय मैंने करकरे से कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा, उसी दिन से उस पर सूतक लग गया था और सवा माह के भीतर ही आतंकवादियों ने उसे मार दिया था.”

उन्होंने कहा कि हिदू मान्यता है कि परिवार में किसी का जन्म या मृत्यु होने पर सवा माह का सूतक लगता है. जिस दिन करकरे ने सवाल किए, उसी दिन से उस पर सूतक लग गया था, जिसका अंत आतंकवादियों द्वारा मारे जाने से हुआ.

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