सपा छोड़ BJP में शामिल हुए नीरज शेखर निर्विरोध पहुंचे राज्यसभा

राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार नीरज शेखर का निर्विरोध निर्वाचन पहले ही तय हो गया था क्योंकि उनके अलावा किसी और ने नामांकन नहीं किया था.

लखनऊ: समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए नीरज शेखर राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए. चुनाव अधिकारी एवं विशेष सचिव बृजभूषण दुबे ने एक समाचार एजेंसी से कहा, ”आज सोमवार नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद नीरज शेखर को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया.”

राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार नीरज शेखर का निर्विरोध निर्वाचन पहले ही तय हो गया था क्योंकि उनके अलावा किसी और ने नामांकन नहीं किया था.

पिछले सप्ताह शुक्रवार को नामांकन पत्र की जांच की प्रक्रिया पूरी हो गई थी और नाम वापसी की अंतिम समय सीमा थी . यह समय सीमा समाप्त होने के बाद शेखर के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी गई. सपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर ने पिछले दिनों राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और वह सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे.

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में जीतकर नीरज शेखर पहली बार संसद पहुंचे. वह 2009 के लोकसभा चुनाव फिर जीते और लोकसभा पहुंचे, लेकिन 2014 के मोदी लहर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद सपा ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया.

वर्ष 2019 में एक बार फिर वह लोकसभा चुनाव लड़कर पिता की विरासत को सहेजना चाहते थे, लेकिन पार्टी अध्यक्ष ने राज्यसभा सदस्य का हावाला देते हुए टिकट नहीं दिया. तभी से नीरज शेखर नाराज चल रहे थे. बात यह भी आई कि टिकट न मिलने से नाराज नीरज के समर्थकों ने चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार किया.