भारतीय सेना के पूर्व सूबेदार का नाम NRC फाइनल लिस्ट में भी नहीं, हाई कोर्ट के फैसले का करेंगे इंतजार

52 वर्षीय सनाउल्लाह भारतीय सेना के एक रिटायर्ड सूबेदार हैं, जो 1987 में सेना में शामिल हुए थे. सनाउल्लाह और उनके बच्चों के नाम NRC की आखिरी लिस्ट में भी शामिल नहीं किए गए.

भारतीय सेना के रिटायर्ड जूनियर कमीशंड अधिकारी (JCO) मोहम्मद सनाउल्लाह, गुवाहटी हाई कोर्ट में विदेशियों के ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ अपनी अपील के बाद भी अंतिम NRC सूची में जगह नहीं बना सके हैं. उनका कहना है कि वह अपने अगले कदम के पहले हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे. सनाउल्लाह ने कहा कि उन्होंने NRC में जोडे़ जाने को संभव बनाने के लिए कुछ अंतिम परिवर्तन की उम्मीद की थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

सनाउल्लाह ने कहा, “मुझे पिछले सप्ताह चायगांव में NRC सेवा केंद्र पर बुलाया गया और विदेशी ट्रिब्युनल के आदेश की कॉपी, जिसमें मुझे विदेशी घोषित किया गया था और डिटेंशन सेंटर से बेल ऑर्डर मांगा गया था. इससे मुझे लगा कि NRC की फाइनल लिस्ट में आखिरी मिनट पर बदलाव कर मेरा नाम आ सकता है. लेकिन ऐसा हुआ नहीं.”

सनाउल्लाह के बेटे और बेटियों का भी नहीं है नाम

उन्होंने आगे कहा, “मेरा नाम, मेरी बेटियों और मेरे बेटे का नाम भी फाइनल लिस्ट से गायब है.” सनाउल्लाह ने कहा, “हम अगला कदम उठाने से पहले हाई कोर्ट में मेरी अपील के निपटान की प्रतीक्षा करेंगे.” सनाउल्लाह और उनके बच्चों को विदेशियों के ट्रिब्यूनल ने विदेशी घोषित किया था और एक डिटेंशन सेंटर में भेजा दिया था.

52 वर्षीय सनाउल्लाह भारतीय सेना के एक रिटायर्ड सूबेदार हैं, जो 1987 में सेना में शामिल हुए थे. राष्ट्रपति पदक विजेता मोहम्मद सनाउल्लाह को कामरूप के फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ने 2008 में उनका नाम संदिग्ध मतदाता के रूप में सूचीबद्ध होने के बाद दर्ज किए गए एक मामले को देखते हुए विदेशी घोषित किया था. उन्हें गुवाहटी हाई कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने से पहले मई के महीने में एक डिटेंशन सेंटर में भेजा गया था.

NRC की फाइनल लिस्ट में नहीं है 19 लाख लोगों के नाम

हालांकि, हाई कोर्ट ने विदेशियों के न्यायाधिकरण के पहले के आदेश को खारिज नहीं किया और कहा कि उनकी याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी. मालूम हो कि असम NRC सूची की आखिरी लिस्ट शनिवार सुबह जारी की गई थी, जिसमें लगभग 1.9 मिलियन लोगों को नाम शामिल नहीं किया गया. इन लोगों को अब अपनी नागरिकता साबित करने के लिए विदेशियों के न्यायाधिकरण में अपील दायर करनी होगी.

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