पाकिस्तान से होकर आए शिप से मिले अमेरिकी लॉन्चिंग गियर, गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर तस्करी का शक

10 हजार सात सौ 90 किलो भारी ये दोनों उपकरण विमानवाहक युद्धपोत में लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने में मदद करने के लिए होता है. इन उपकरणों का निर्माण दुनिया की सिर्फ दो कंपनियों में ही होता है.

संकेतात्मक तस्वीर

गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर दो मिलिट्री ग्रेड लॉन्चिंग गियर की बरामदगी के बाद अधिकारियों ने सैन्य उपकरणों की तस्करी का मामला होने का शक जताया है. बंदरगाह पर तैनात कस्टम अधिकारियों ने इन दोनों लॉन्चिंग गियर को बीते सप्ताह खाली कंटेनरों की जांच के दौरान बरामद किया था.

जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक 10 हजार सात सौ नब्बे किलो भारी ये दोनों उपकरण विमानवाहक युद्धपोत में लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने में मदद करने के लिए होता है. साथ ही इन उपकरणों का निर्माण दुनिया की सिर्फ दो कंपनियों में ही होता है. एक कंपनी है अमेरिका स्थित बोइंग और दूसरा यूरोप की एयरबस. खाली कंटेनर में छुपाकर रखे गए इन दोनों उपकरणों के अमेरिका में बने होने की बात सामने आई है.

कस्टम से जुड़े सीनियर अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन दोनों उपकरणों को न्यूयार्क बंदरगाह से इसी साल 8 नवंबर को भेजा गया था. इन्हें बुक करनेवाली कंपनी अमेरिकी है. उसका नाम डीएचएल ग्लोबल फॉरवर्डिंग कंपनी है. रॉयल सऊदी लैंड फोर्सेस के लिए इसे भेजे जाने की बात सामने आई है. इसके पहुंचाए जाने का पता प्रिंस सुल्तान रोड, एचडब्ल्यूवाई 156 जीजान सऊदी अरब दर्ज किया गया है. इस सबके बावजूद यह शिपमेंट की डिलीवरी भारत के गुजरात कैसे पहुंचा और अभी तक इसके बारे में कोई तहकीकात नहीं हो पाने की वजह से अधिकारियों का शक गहराया है.

भास्कर में छपी खबर के मुताबिक इन उपकरणों को ‘हापाग-लॉयड अक्तीनेगेलशाफ्ट’ कंपनी का ‘क्योटो एक्सप्रेस’ नामक जहाज लेकर निकला था. जेद्दा बंदरगाह पर इसे उतारने की कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. भारत पहुंचने से पहले यह जहाज पाकिस्तान के कराची सहित पांच दूसरे बंदरगाहों पर भी रुका था. मुंद्रा पहुंचने पर अधिकारियों ने इस जहाज में ‘खाली’ का लेबल लगे कंटेनरों में उपकरण रखा पाया है.

जांच अधिकारियों ने कहा कि यह सैन्य उपकरणों की तस्करी का मामला लग रहा है. मामले में आगे की जांच की जा रही है. इससे पहले भी रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के अमेरिका मंगाए स्पेयर पार्ट्स या मशीनों के ऑर्डर का शिपमेंट रास्ते में ही गायब होने की खबर आई थी. उस मामले में अभी भी जारी है.

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