स्मृति ईरानी अमेठी में बनाएंगी अपना घर, जनता के बीच रहकर करेंगी सेवा

स्मृति ईरानी का फैसला इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह आगामी वर्षो में अमेठी के साथ संबंध बरकरार रखने का इरादा रखती हैं.


नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां शनिवार को जो घोषणा की, वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बीत डेढ़ दशक में नहीं कर पाए. ईरानी ने घोषणा की कि वह अमेठी में अपना घर बनाएंगी और इसके लिए गौरीगंज में उन्होंने एक भूखंड देख लिया है.

उन्होंने कहा कि अमेठी अब उनका स्थायी निवास स्थल होगा और वह लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगी.

राहुल गांधी ने साल 2004 से 2019 के चुनाव से पहले तक लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व किया था. साल 1999 में उनकी मां सोनिया गांधी ने यह सीट जीती थी.

अमेठी सीट पर लगातार कब्जा रहने के बावजूद गांधी परिवार ने यहां अपना घर बनाने की नहीं सोची, बल्कि वे अपने दौरे के दौरान अतिथि गृह में रहते थे.

अपने निर्वाचन क्षेत्र में घर बनाने का स्मृति ईरानी का फैसला इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह आगामी वर्षो में अमेठी के साथ संबंध बरकरार रखने का इरादा रखती हैं.

मंत्री ने शनिवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए कई परियोजनाओं की घोषणा भी की.

अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंची स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि नामदार लोग यहां से सांसद चुने जाने के बाद पांच साल लापता रहते थे और अमेठी की जनता यहां से दिल्ली तक चिराग लेकर उन्हें खोजती थी.

स्मृति ईरानी ने कहा, ‘नामदार लोग यहां से सांसद चुन कर जाने के बाद पांच साल लापता रहते थे. अमेठी की जनता चिराग लेकर यहां से दिल्ली तक खोजती थी फिर भी नहीं मिलते थे.

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उन्होंने कहा कि अमेठी की जनता ने नामदारों की विदाई कर विकास को चुना है. एक सामान्य परिवार के सदस्य को अमेठी ने मौका दिया है. मैं ‘पूरी ईमानदारी से सेवा करूंगी’.