Nitin Gadkari interview, Exclusive: पढ़ें, राफेल में ऊं और नींबू, पीएम मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ पर क्या बोले गडकरी
Nitin Gadkari interview, Exclusive: पढ़ें, राफेल में ऊं और नींबू, पीएम मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ पर क्या बोले गडकरी

Exclusive: पढ़ें, राफेल में ऊं और नींबू, पीएम मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ पर क्या बोले गडकरी

कई बार बाज़ार में वस्तु की मांग और वितरण को लेकर दिक्कत होती है तो कई बार वैश्विक मंदी के कारण. वहीं कई बार बिज़नेस साइकिल की वजह से भी दिक्कत होती है. हमारी सरकार ने हमेशा बेहतरी के लिए प्रयास किया है.
Nitin Gadkari interview, Exclusive: पढ़ें, राफेल में ऊं और नींबू, पीएम मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ पर क्या बोले गडकरी

Nitin Gadkari Interview: महाराष्ट्र चुनाव के मद्देनजर रैलियों का दौर जारी है. पीएम मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी समेत सभी स्टार प्रचारक चुनावी मैदान में कूद चुके हैं. लेकिन इन सब के बीच मोदी सरकार के सबसे सफल मंत्री माने जाने वाले नितिन गडकरी को कैसे भूला जा सकता है.

गडकरी नागपुर से आते हैं और एक समय में उन्हें महाराष्ट्र के सीएम उम्मीदवार के तौर पर भी देखा जाता था. महाराष्ट्र चुनाव को लेकर उनका क्या नज़रिया है? इसके अलावा कई अन्य राजनीतिक मामलों को लेकर TV9 भारतवर्ष के एग्जिक्यूटिव एडिटर समीर अब्बास ने केंद्रीय मंत्री से बातचीत की.

पहला सवाल- देवेंद्र फडनवीस के 5 साल के कार्यकाल को कैसे देखते हैं आप?
जवाब- देवेंद्र फडनवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र में और पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में पिछले पांच सालों में जो विकास हुआ है वो पिछले 50 सालों में भी नहीं हुआ. इसलिए महाराष्ट्र में एक बार फिर से लोग देवेंद्र फडनवीस में भरोसा दिखाएंगे और बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को सत्ता में लाएंगे.

सवाल- पिछले पांच सालों में महाराष्ट्र में क्या बदला?
जवाब- सौ प्रतिशत. सड़कें बदली हैं. सिंचाई के काम पूरे हुए हैं, उद्योग आए हैं. महाराष्ट्र में मेट्रो बन रही है. जल संवर्द्धन के काम हुए हैं. मुंबई से नागपुर के बीच महामार्ग बन रहा है. बहुत अच्छा काम हुआ है.

सवाल- आप मेट्रो को उपलब्धि के तौर पर गिनाते हैं लेकिन आरे के जंगलों की कटाई को लेकर आपके सहयोगी दल शिवसेना ने ही आप पर उंगलियां उठाई हैं?
जवाब- हमारे लिए पर्यावरण और विकास दोनों महत्वपूर्ण है. दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने की ज़िम्मेदारी हम सबकी है. सरकार वो कर रही है. महाराष्ट्र में हरियाली पहले की तुलना में बढ़ी है. महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने इस साल 36 करोड़ वृक्ष लगाए हैं. पिछले साल 27 करोड़ पेड़ लगाए थे. पेड़ लगाने के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. फिर भी मैं मानता हूं कि पेड़ों को काटने की जगह ट्रांसप्लांट करने की कोशिश की जाती तो बेहतर होता. लेकिन अगर नहीं हुआ तो हम लगाएंगे. शिवसेना क्यों विरोध कर रही है वो ही बताएंगे.

सवाल- शिवसेना से बीजेपी के संबंधो को कैसे परिभाषित करते हैं?
जवाब- बीजेपी और शिवसेना के बीच का गठबंधन भारत की राजनीति में सबसे लंबा चलने वाला गठबंधन है, क्योंकि हमारे गठबंधन का आधार केवल सत्ता हासिल करना नहीं था, हिंदुत्व का विचार था. इसीलिए बाला साहेब ठाकरे और प्रमोद महाजन के बीच गठबंधन पर सहमति बनी. जो बाद में मुंडे जी और मैंने बरकार रखा. मराठी में एक कहावत है तेरा-मेरा जमता भी नहीं और तेरे बिना बनता भी नहीं. ये चलता रहता है. हमारा गठबंधन हिंदुत्व के विचार पर है. बीजेपी-शिवसेना मिलकर सरकार बनाएंगे और फडनवीस हमारे मुख्यमंत्री होंगे.

सवाल- ठाकरे परिवार से पहली बार कोई शख़्स चुनाव लड़ रहा है. इसलिए आदित्य ठाकरे की भूमिका क्या होगी?
जवाब- बीजेपी की भूमिका तय करना हमारा अधिकार है. शिवसेना और आदित्य की भूमिका क्या होगी ये वही लोग तय करेंगे. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि बीजेपी-शिवसेना की सरकार बनेगी और फडनवीस फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे.

सवाल- बीजेपी ने घोषणापत्र में सावरकर को भारत रत्न देने की बात कही है लेकिन विपक्ष उनकी भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर रहा है.
जवाब- अगर सावरकर देशभक्त नहीं हैं तो देश में कोई और देशभक्त नहीं हो सकता. उन्होंने अपना पूरा जीवन और परिवार देश के लिए न्योछावर कर दिया. अंग्रेज़ों से माफ़ीनामा को लेकर जो भी आरोप लगाए जाते हैं वो ग़लत हैं क्योंकि उन्होंने इसके बारे में पढ़ा ही नहीं है. महात्मा गांधी की हत्या के मामले में भी सावरकर का नाम दिया जाता है जबकि कोर्ट ने भी माना है कि इस प्रकरण में सावरकर का कोई लेना-देना नहीं था. सावरकर हमारे प्रेरणास्रोत रहे हैं और वो एक देशभक्त थे. इस देश के लिए उन्होंने जो भी त्याग किया, उसको शब्दों मे बयान नहीं किया जा सकता है. इनके बारे में बिना कुछ जाने-समझे, बिना कुछ पढ़े-लिखे जो भी मन में आता है बोल देते हैं. और मीडिया भी उन चीज़ों को दिखाता है जो बेहद दुखद है.

सवाल- चुनाव के समय में सभी दलों के नेता अपनी पार्टी छोड़-छोड़ कर बीजेपी ज्वाइन कर लेते हैं तो क्या अपके दल में असंतोष नहीं होता? आपके क़रीबी माने जाने वाले नेता विनोद तावड़े को भी इसी वजह से टिकट नहीं मिला?
जवाब- हमारे सभी क़रीबी हैं. मैंने कभी गुटबाजी की राजनीति नहीं की. मैं भारतीय जनता पार्टी में संगठन का काम करता रहा हूं. पार्टी में किसको टिकट देना है और किसको नहीं ये पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड और शीर्ष नेता तय करते हैं जो उनका अधिकार है. हालांकि इसकी चर्चा मीडिया में भी होती है लेकिन ऐसी बातें पार्टी के प्लेटफॉर्म पर ही होनी चाहिए.

सवाल- बीजेपी कांग्रेस पर गांधी परिवार को बढ़ावा देने का आरोप लगाती है, वंशवाद का आरोप लगाती है. वहीं बीजेपी और शिवसेना की बात करें तो वो भी अपने तरीके से वंशवाद को आगे बढ़ा रहे हैं.

जवाब- नेता ख़ुद ही अगर अपने बेटे-बेटियों के लिए टिकट मांगने लगें तो वो ग़लत है लेकिन अगर जनता उन्हें राजनीति में देखना चाहती है तो उसमें क्या बुराई है. देवेंद्र फडनवीस के पिताजी भी एमएलसी थे लेकिन कभी भी उन्होंने अपने बेटे के लिए टिकट नहीं मांगा. बल्कि मैं उनके घर गया था और कहा कि देवेंद्र जी को राजनीति में दो. उन्होंने कहा कि उससे बात करो. इसलिए इसको ठीक से समझने की ज़रूरत है. हम लोग परिवारवाद के विरोधी हैं लेकिन किसी का बेटा या बेटी होना गुनाह नहीं है. अगर लोग, कार्यकर्ता और पार्टी का समर्थन है तो विचार करने में कोई बुराई नहीं है.

सवाल- विपक्ष केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग करने का आरोप लगा रही है. उनका कहना है कि बीजेपी सरकार बदले की कार्रवाई कर रही है. इसमें कितनी सच्चाई है?
जवाब- क़ानून अपना काम करेगा. जांच के बाद जो भी रिपोर्ट आएगी हम उसपर ही प्रतिक्रिया दे सकते हैं. आधी-अधूरी जानकारी या मीडिया में प्रकाशित बातों पर कॉमेंट करना ठीक नहीं होगा.

सवाल- महाराष्ट्र में मुसलमान वर्ग के लोग बीजेपी पर कितना भरोसा कर पा रहे हैं?
जवाब- बीजेपी की विचारधारा जाति, पंथ या लिंग भेद को मान्यता नहीं देती है. इस तरह का कोई भी भेदभाव हमारी विचारधारा से मेल नहीं खाता. व्यक्ति अपने गुणों से बड़ा होता है न कि जाति और धर्म से. जो भी इस देश को अपनी माता मानते हैं वो किसी भी धर्म के हों हमारे हैं, भारतीय हैं. इसीलिए हम सबका साथ सबका विकास में विश्वास करते हैं. हम मुसलमानों के विरोध में नहीं बल्कि पाकिस्तान के विरोध में हैं.

सवाल- जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्ज़ा हट गया है, अयोध्या मामले पर भी अगले महीने फ़ैसला आ ही जाएगा. इसके बाद पार्टी का अगला एजेंडा क्या होगा, समान नागरिक संहिता?
जवाब- समान नागरिक संहिता भी हमारे एजेंडे में है लेकिन इस बारे में समय आने पर पार्टी विचार करेगी.

सवाल- क्या पाकिस्तान को अब पीओके बचाने की चिंता होने लगी है?
जवाब- पाकिस्तान ग़रीबी, भुखमरी और बेरोज़गारी से त्रस्त है. उसे कोई कर्ज़ तक देने को भी तैयार नहीं है. हमारे हालात उनसे अच्छे ज़रूर हैं लेकिन हमारी समस्या भी वही है. बेहतर होगा कि हम दोनों देश रक्षा पर खर्च करने के बजाय इन बीमारियों से निपटने पर ध्यान देना चाहिए. प्रगति और विकास की राह पर आगे बढ़ें. पाकिस्तान पर्दे के पीछे से भारत के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़े हुए है और आतंकवाद के बहाने समय-समय पर हमले करता रहता है. उसे इन चीज़ों को छोड़कर अपने विकास पर ध्यान देना चाहिए जिससे दोनों देशों के बीच फिर से बातचीत शुरू हो सके.

सवाल- क्या महाराष्ट्र चुनाव में आर्थिक मंदी का मुद्दा बीजेपी को नकसान पहुंचा सकता है?
जवाब- मंदी की बात करें तो फ़िलहाल पूरा विश्व इसकी चपेट में है. हमलोग अर्थव्यवस्था के मामले में विश्व का सबसे तेज़ी से उभरने वाला देश हैं. समस्या के कई कारण हैं. कई बार बाज़ार में वस्तु की मांग और वितरण को लेकर दिक्कत होती है तो कई बार वैश्विक मंदी के कारण. वहीं कई बार बिज़नेस साइकिल की वजह से भी दिक्कत होती है. हमारी सरकार ने हमेशा बेहतरी के लिए प्रयास किया है. अभी तक मेरे मंत्रालय ने 11 करोड़ रोज़गार दिए हैं, आगे 5 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य है. हम अलग-अलग प्रकार की नीतियां बना रहे हैं. ग्रामीण, कृषि और ट्राइबल अलग हैं और शहरी क्षेत्र अलग हैं. वहां के संसाधन जैसे- मत्स्य पालन, बांस की खेती, मिट्टी के कुल्हड़, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और खादी ग्रामोद्योग की रचना हो. जिससे कि वहां के संसाधन से उसी क्षेत्र में रोज़गार पैदा हों. पांच सालों में स्थिति बदलेगी. अभी जो थोड़ी बहुत दिक्कत है वो कुछ समय के लिए ही है. हमलोग अच्छे विकास की ओर जाएंगे, ये हमारा विश्वास है.

सवाल- ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर चालान की राशि में भारी बढ़ोतरी से क्या वाकई कोई बदलाव हुआ है?
जवाब- जुर्माने की राशि में अभी 500 से 5000रुपये का बदलाव किया गया है. बाकी कहां पर कौन सा जुर्माना लगाना है ये राज्य सरकार के दायरे में आता है. हमारे लिए यह राजस्व बढ़ाने का उपाय नहीं है. विश्व में सबसे अधिक दुर्घटनाएं भारत में होती है. हर साल यहां पर 1.5 लाख़ लोग दुर्घटना में मरते हैं. लोगों में पहले क़ानून के प्रति सम्मान भी नहीं और डर भी नहीं. ये स्थिति अच्छी भी नहीं. जो क़ानून से चलेगा उसको जुर्माना देना ही नहीं होगा. लोग अब बदल रहे हैं, हाल में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या घटी है. लोग सिग्नल पर खड़े हो रहे हैं. देश सुधर रहा है. ये अच्छी बात है. इस फ़ैसले से लाख़ों लोगों की जान बचेगी.

सवाल- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राफेल लाने फ्रांस गए थे. वहां पर जब उन्हें पहला राफ़ेल मिला तो उन्होंने न केवल-पूजा पाठ की, बल्कि ॐ के निशान भी बनाए और टायर के नीचे नींबू रखे. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इसके विरोध में पीएम मोदी का एक पुराना वीडियो सोशल साइट्स पर शेयर कर रहे हैं. जिसमें नरेंद्र मोदी नींबू-मिर्ची लगाने को अंधविश्वास कह रहे हैं. राजनाथ सिंह का विश्वास और पीएम मोदी का अंधविश्वास लोगों के बीच अब मुद्दा बन गया है?
जवाब- श्रद्धा और अंधश्रद्धा में फर्क होता है. जिन नेताओं ने इसका विरोध किया है क्या वो नया घर या गाड़ी लेने के बाद पूजा-पाठ नहीं करते हैं? ये श्रद्धा का विषय है अंधविश्वास का नहीं. दशहरे में शस्त्र पूजा को लेकर कहानी यह है कि एक साल के अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने अपने शस्त्र शमी के पेड़ पर छिपा कर रखे थे. दशहरे के दिन वो आए और अपने शस्त्रों को बाहर निकालकर पूजा की. ये दशहरे के पीछे की कहानी है. राफेल भी तो हमारा शस्त्र ही है तो उसकी पूजा करने में क्या ख़राबी है. शस्त्र खरीदी पर सब लोग पूजा करते हैं, कांग्रेस वाले भी करते हैं. इंदिरा जी, राजीव गांधी और सोनिया जी ने भी कई मौक़ों पर भूमि पूजा की तो इसमें अंधश्रद्धा है क्या?
इंदिरा जी और राजीव जी की अंत्येष्टि में भी मंत्रोच्चारण किया गया तो क्या यह ग़लत था? ये लोगों का विश्वास है. राजनाथ सिंह जी ने कुछ भी ग़लत नहीं किया.

सवाल- पीएमसी बैंक केस में लोग परेशान हैं. संजय गुलाटी नाम के एक खाताधारक जो बैंक के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में भी शामिल थे, मानसिक दबाव की वजह से उनकी जान चली गई. सरकार इन चीज़ों को लेकर कितनी गंभीर है?
जवाब- निर्मला जी ने भी बताया है कि इस बैंक पर RBI और महाराष्ट्र कॉपरेटिव विभाग का कंट्रोल है. सरकार ने पहले भी कई ऐसे बैंकों के मामले सुलझाए हैं. जो भी ग़रीब खाताधारक हैं उनके बारे में सहानुभूति से विचार किया जाएगा. जो राहत संभव है सरकार देने का प्रयास करेगी.

सवाल- क्या यह सही है कि बैंक की कमी की वजह से किसी खाताधारक की जीवनभर की जमा-पूंजी ही ख़त्म कर दी जाए?
जवाब- बैंक के पास संपत्ति भी है इसलिए सरकार ने कम समय में मामले को सुलझाने का निर्णय किया है. लोगों को पैसा वापस दिलाने के लिए जो भी करना होगा, सरकार वो सारे प्रयास करेगी. रिजर्व बैंक, वित्त मंत्री और महाराष्ट्र सरकार सभी मिलकर इस समस्या का हल निकालेंगे.

सवाल- डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पीएम मोदी को ‘फादर ऑफ़ कंट्री’ की उपाधि देने के बाद से देश के अंदर भी उन्हें ऐसा कह रहे हैं. सीएम फडनवीस की पत्नी भी इस बात से इत्तेफ़ाक़ रखती हैं. दुनिया जानती है कि महात्मा गांधी को भारत का राष्ट्रपिता कहा जाता है. ऐसे में इन चीज़ों के क्या मतलब निकाले जाएं?
जवाब- देवेंद्र फडनवीस की पत्नी राजनीतिज्ञ नहीं हैं. उनकी भावना को समझिए. उन्होंने आदरपूर्वक पीएम मोदी के लिए ये शब्द चुना है. इसका कोई और अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए.
बीच में रोकते हुए सवाल- लेकिन देवेंद्र फडनवीस ने भी कहा कि महात्मा गांधी तो राष्ट्रपिता हैं लेकिन पीएम मोदी नवभारत के राष्ट्रपिता हैं.
जवाब- मुझे लगता है कि भाव समझना चाहिए. इसे महात्मा गांधी से जोड़कर विवाद खड़ा करना ठीक नहीं है.

सवाल- एक बार आपने नागपुर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैं सरकार में विश्वास नहीं करता हूं. क्योंकि जहां हाथ डालती है वहां सत्यानाश हो जाता है?
जवाब- मुझे आपलोगों ने गलत तरीके से दिखाया है. ये मीडिया के लिए ठीक नहीं है. मैंने दरअसल कहा था कि जिसका राजा व्यापारी, उसकी जनता भिखारी. सरकार का काम धंधा करना नहीं है. सरकार का काम नीति बनाना है. दूसरा मैंने कहा था हमारा भगवान और सरकार दोनों पर विश्वास होता है. तीसरी शक्ति आप हैं, जो ख़ुद का जीवन बदल सकते हैं. इसलिए सरकार और भगवान के बजाय अपने जीवन को बदलिए. इस भाव को बदलने से मीडिया की विश्वसनीयता भी कम होती है.

सवाल- महाराष्ट्र में फडनवीस सरकार को कितने नंबर देंगे और हरियाणा में क्या खट्टर सरकार दोबारा सत्ता में आ पाएगी?
जवाब- आज ही मैं हरियाणा से आया हूं. वहां पर मनोहर लाल खट्टर जी के नेतृत्व में हमें रिकॉर्ड ब्रेक जीत हासिल होने वाली है. रही बात महाराष्ट्र की तो यहां पर मैंने पचासों जनसभाएं की हैं. यहां भी देवेंद्र जी के नेतृत्व में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनेगी. अभी तक के सारे रिकॉर्ड टूटेंगे और देवेंद्र जी फिर से महाराष्ट्र के सीएम बनेंगे. ऐसा मेरा विश्वास है.

सवाल- आपके विश्वास की वजह दोनों राज्य सरकारों का काम-काज है या कमज़ोर और फूट वाला विपक्ष?
जवाब- नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का विकास और बाकी दोनों राज्यों में वहां के मुख्यमंत्री द्वारा किए गए काम-काज की वजह से दोबारा रिकॉर्ड तोड़ जीत हासिल करेंगे.

और पढ़ें- साइंस के हिसाब से ये हैं दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाएं, देखें कौन नंबर वन?

और पढ़ें- UPPCS मेन्‍स से हटे 5 सब्‍जेक्‍ट, इंटरव्‍यू के लिए कम कैंडिडेट्स को बुलाएगा UPPSC

Nitin Gadkari interview, Exclusive: पढ़ें, राफेल में ऊं और नींबू, पीएम मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ पर क्या बोले गडकरी
Nitin Gadkari interview, Exclusive: पढ़ें, राफेल में ऊं और नींबू, पीएम मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ पर क्या बोले गडकरी

Related Posts

Nitin Gadkari interview, Exclusive: पढ़ें, राफेल में ऊं और नींबू, पीएम मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ पर क्या बोले गडकरी
Nitin Gadkari interview, Exclusive: पढ़ें, राफेल में ऊं और नींबू, पीएम मोदी को ‘फादर ऑफ इंडिया’ पर क्या बोले गडकरी