G-7: मोदी ने ट्रंप के सामने इमरान को दिखाई औकात, बोले- 47 से पहले भारत-पाक एक ही थे…, VIDEO

पीएम मोदी से मुलाकात से बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमें भारत को नजदीक से जानने का मौका मिला

नई दिल्ली: फ्रांस में G7 (ग्रुप ऑफ़ सेवन) समूह देशों का 45वां शिखर सम्मेलन होने जा रहा है. सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हुई. पीएम मोदी जी-7 बैठक में डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर दो टूक जवाब दिया.

पीएम मोदी से मुलाकात से बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमें भारत को नजदीक से जानने का मौका मिला. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि 1947 से पहले भारत-पाकिस्तान एक ही थे. हम दोनों देश अपने सभी द्विपक्षीय मुद्दे सुलझाने में सक्षम हैं. इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने उनसे कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने को कहा था.

जी-7 समिट में पीएम मोदी
जी 7 समिट के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने दो टूक जवाब देते हुए ट्रंप के मध्यस्थता वाली बात सिरे से खारिज कर दी. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को दोनों को गरीबी से लड़ना, अशिक्षा से लड़ना और दोनों देशों को मिलकर दुनिया के भले के लिए काम करना है. जिस वक्त मोदी कश्मीर मसले पर हर तरह की आशंकाओं को दरकिनार कर रहे थे डोनाल्ड ट्रंप का चेहरा देखने लायक था. पीएम मोदी के बोलने के बाद ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर बिल्कुल से बिल्कुल कन्नी काट ली. उसके बाद ट्रंप ने कश्मीर मसले पर कुछ भी नहीं बोला.

पाकिस्तान को करारा जवाब
केंद्र सरकार ने जब से जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाया है तभी से पाक के निजाम दुनिया के तमाम मुल्कों में घूम-घूम कर भारत के इस फैसले की निंदा कर रहे हैं. इतना ही नहीं इमरान खान ने दुनिया के ताकतवर मुल्कों से अपील भी की थी भारत के इस फैसले का वो विरोध करे. इमरान ने ट्रंप से कश्मीर मसले पर मध्यस्थता करने की भी बात क थी लेकिन आज पीएम मोदी ने जी7 समिट पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने साफ कर दिया कि भारत-पाकिस्तान के बीच जितने भी मुद्दे है वो सभी द्विपक्षीय हैं यानि उन मुद्दों पर किसी तीसरे के दखल देने की कोई आवश्यकता नहीं है.

काफी अहम थी ये मुलाकात
दरअसल माना जा रहा है कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोष से भारत का स्थान काफी अहम है इसके साथ ही फ्रांस के साथ भारत के बेहतर संबंध, इन्हीं वजहों से भारत को इस बार एलीट क्लब के सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है. इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री वातावरण, जलवायु, समुद्री सुरक्षा और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर सेशन को संबोधित करेंगे. इस बार भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका को भी इस बार विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. अफ्रीकी देश सेनेगल और रवांडा भी इस बार आमंत्रित हैं.

जी-7 देश में कौन-कौन शामिल
ग्रुप ऑफ सेवन (जी 7) में सात देश शामिल हैं. ये देश हैं- फ्रांस, अमेरिका, इटली, कनाडा, जर्मनी, जापान और ब्रिटेन. शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के राष्ट्र प्रमुख, यूरोपीयन कमीशन और यूरोपीयन काउंसिल के अध्यक्ष शामिल होते हैं. जी7 की पहली बैठक साल 1975 में हुई थी. तब सिर्फ 6 देश इस ग्रुप में शामिल थे. फिर अगले साल कनाडा भी इस ग्रुप में शामिल हो गया. इस तरह ये जी6 से बन गया जी7.

G7 शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के मंत्री और नौकरशाह उन मद्दों पर बातचीत करते हैं, जिनका वैश्विक महत्व होता है. इसमें आर्थिक, विदेश, सुरक्षा और विकास जैसे मुद्दे शामिल होते है. इसके अलावा वैसे मुद्दे जिनपर राजनीतिक कार्रवाई की जरूरत होती है या आम लोगों से जुड़ा होता है उन विषयों को लेकर भी चर्चा होती है.