आखिरकार खुली ड्रैगन की पोल, चीनी मुखपत्र ने माना – गलवान में मारे गए थे पीएलए के सैनिक

गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. खबरों में आया था कि चीन के कम से कम 40 जवान या तो मारे गए हैं या फिर गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं. हालांकि, चीन ने अबतक इसे कबूला नहीं था.

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भारत चीन सीमा (FILE)

चीन की सरकार भले अबतक गलवान (Galwan Valley Dispute) में मारे गए अपने सैनिकों के बारे में ना बताए लेकिन उसकी मीडिया की तरफ से ही उसकी पोल खुल चुकी है. चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के एडिटर ने खुद माना है कि हां गलवान (Galwan Valley Clash) में चीन को भी नुकसान हुआ था. हालांकि, यह दावा भी किया जा रहा है कि वह नुकसान भारत से कम था.

बता दें कि गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. खबरों में आया था कि चीन के कम से कम 40 जवान या तो मारे गए हैं या फिर गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं. हालांकि, चीन ने अबतक इसे कबूला नहीं था.

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राजनाथ सिंह के बयान पर उठाए सवाल

अब जब राजनाथ सिंह ने संसद में लद्दाख मसले पर बयान दिया तो उन्होंने दोहराया कि चीन को हिंसक झड़प में भारी नुकसान हुआ था. इस खबर को शेयर करते हुए ग्लोबल टाइम्स के एडिटर ने कहा कि यह फर्जी खबर है. साथ ही साथ एडिटर ने उस छिपे सच से भी पर्दा उठा दिया जो सब पहले से जानते ही थे.

ग्लोबल टाइम्स के एडिटर हू शीजिन ने लिखा, ‘जहां तक मुझे जानकारी है, 15 जून को गलवान घाटी में हुए संघर्ष में जान गंवानेवाले चीनी सैनिकों की संख्या भारत के 20 जवानों से बेहद कम थी.’ ट्वीट में आगे दावा किया गया कि सिर्फ चीन ने भारत के सैनिकों को कैद किया था, भारत ने नहीं.

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