GDP दर में भारी गिरावट का अनुमान, माहौल सुधारने के लिए RBI ने ब्याज दर फिर घटाया

लेकिन GDP Rate को लेकर जो अनुमान लगाया गया है वो चिंता पैदा करने वाला है. जून में खत्म हुई तिमाही में जीडीपी (GDP ) 5 percent तक गिर गई जो पिछले छह साल का सबसे कम विकास दर है.
GDP Growth Rate, GDP दर में भारी गिरावट का अनुमान, माहौल सुधारने के लिए RBI ने ब्याज दर फिर घटाया

रिजर्व बैंक ( Reserve Bank Of India ) ने अर्थव्यवस्था ( Economy ) को लेकर चिंताजनक अनुमान जताया है. इसके मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 में विकास दर ( GDP Growth Rate ) 6.1 फीसदी पर अटक सकती है. इससे पहले Reserve Bank Of India ने GDP Rate 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था.

बैंक ( Reserve Bank ) ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा रिपोर्ट जारी की. इसमें रेपो रेट ( Repo Rate ) लगातार पांचवीं बार घटाने का फैसला किया गया. अब यह 5.15 प्रतिशत रह गया है. रेपो रट वह ब्याज दर है जिस पर बाकी Commercial banks रिजर्व बैंक ( Reserve Bank) से पैसा उठाते हैं.

बैंक की कोशिश ब्याज दर ( Interest rate ) घटाने की है. इससे मांग बढ़ने की उम्मीद है. Car Loan, Housing Loan, Personal Loan की ब्याज दरें ( Interest rate ) घटने से इनके लिए डिमांड बढ़ सकती है. इससे आर्थिक गतिविधियां ( Economic Activity ) तेज होने की उम्मीद है.

लेकिन GDP Rate को लेकर जो अनुमान लगाया गया है वो चिंता पैदा करने वाला है. जून में खत्म हुई तिमाही में जीडीपी (GDP ) 5 percent तक गिर गई जो पिछले छह साल का सबसे कम विकास दर है. मार्च वाली तिमाही में उपभोग दर भी 18 तिमाही के सबसे कम स्तर पर आ गई.

Reserve Bank के गवर्नर शक्तिकांत दास ( Shaktikanta Das) ने कहा कि घरेलू डिमांड बहुत ही कमजोर है. अक्टूबर – दिसंबर की तिमाही में भी इसमें बहुत ज्यादा विस्तार नहीं होगा.

निर्यात भी बुरे दौर में है. ग्लोबल ग्रोथ की गति कम होने और अमेरिका – चीन ट्रेड वार ( US – China Trade War ) के कारण ऐसा हुआ है. शक्तिकांत दास ने कहा कि आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए आगे भी कदम उठाए जाते रहेंगे.

रिजर्व बैंक के मुताबिक जुलाई – सितंबर तिमाही में जीडीपी दर 5.3 फीसदी रहेगी.

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