जर्मन महिला की बढ़ाई गई वीजा अवधि, 25 सालों से मथुरा में कर रहीं गोसेवा

इससे पहले विदेश मंत्रालय ने इरिना की वीजा अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया गया था. इससे नाराज इरिना ने पद्मश्री लौटाने की घोषणा कर डाली थी.

नई दिल्ली: जर्मन महिला फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग की भारत में वीजा अवधि बढ़ा दी गई है. इस प्रकार से उन्हें भारत में रहने की इजाजत फिर से मिल गई है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप के बाद इरिना की वीजा अवधि बढ़ाई गई. सुषमा ने सोमवार का इस पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी और उनके लिए नए वीजा की मंजूरी दी.

इससे पहले विदेश मंत्रालय ने इरिना की वीजा अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया गया था. इस बात से वह खासी नाराज हुई थीं और उन्होंने पद्मश्री तक लौटाने की घोषणा कर डाली थी. इरिना को इसी साल ही गोसेवा के लिए पद्मश्री से सम्‍मानित किया गया है.

‘पुरस्कार रखने का क्या मतलब’
इरिना मथुरा में गायों के लिए आश्रम चलाती हैं. वो पिछले 25 सालों से गायों की सेवा कर रही हैं. वीजा अवधि नहीं बढ़ाए जाने पर उन्होंने कहा था, “इस पुरस्‍कार को रखने का क्‍या मतलब है, जब मैं यहां रह ही नहीं सकती हूं और बीमार गायों की देखभाल नहीं कर सकती हूं?’

Cow, जर्मन महिला की बढ़ाई गई वीजा अवधि, 25 सालों से मथुरा में कर रहीं गोसेवा
इरिना मथुरा में गायों के लिए आश्रम चलाती हैं.

सुदेवी देवी के नाम से मशहूर फ्रेडरिक इरिना का वीजा 25 जून को खत्‍म होने वाला है. उन्होंने कहा कि उन्‍हें पद्म श्री लौटाकर बहुत दुख होगा लेकिन अगर वीजा आवेदन को खारिज किया जाता रहा तो उनके पास इसे लौटाने के अलावा और कोई चारा भी नहीं है.

25 साल पहले लिया ये फैसला
बताते हैं कि इरिना ब्रूनिंग 25 साल पहले जर्मनी से ब्रज दर्शन के लिए भारत आई थीं. उन्होंने ब्रज भ्रमण के दौरान सड़क किनारे एक बछड़े को तड़पते देखा. उनसे यह देखा नहीं गया. उन्होंने तभी बेसहारा व बीमार गोवंश की सेवा करने का संकल्प कर लिया. इरिना ने कौन्हई गांव में गोशाला शुरू की. आज इसमें 1400 से अधिक गोवंश हैं.

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