सीमा पर दम दिखा रहे भारत के सबसे भरोसेमंद साथी ग्लोबमास्टर और चिनूक, दहल रही चीन सेना

भारत-चीन सीमा (India-China Border) पर भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट (Fighter Jet) गर्जना कर रहे हैं. सेना का दम देखकर चीन की आर्मी दहल रही है.

इस बार सीमा से वही बदली हुई तस्वीर नजर आ रही है. LAC पर भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) के फाइटर्स गगन गर्जना कर रहे हैं और सेना के जवान टैंक और तोप लेकर खड़े हैं. आज अपनी सेना का ये ही शौर्य देखने के लिए टीवी9 भारतवर्ष पूर्वी लद्दाख में सेना के फॉरवर्ड पोस्ट पर पहुंचा. आर्मी और एयरफोर्स की अनुमति लेकर 12 घंटे तक बॉर्डर के हालात देखे. इस दौरान वहां शक्तिशाली हेलिकॉप्टर चिनूक ने भी कई उड़ाने भरीं.

पिछले तीन महीने में LAC पर चीन के माथे पर हिंदुस्तान बैठा है. उस लोकेशन पर अब चिनूक हेलिकॉप्टर के जरिए ही बोफोर्स और होवित्जर पहुंचाई गई हैं, जिनकी ख़बर भर से चीन का माथा चकरा गया है. ये फॉरवर्ड पोस्ट पर चिनूक, अपाचे और फाइटर जेट का दम है, जिसे देखकर चीन की सेना दहल रही है.

सीमा पर तैनात ‘सी-17 ग्लोबमास्टर’

वायुसेना का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ‘सी-17 ग्लोबमास्टर’ भी LAC पर तैनात है और 50 हजार से ज्यादा जवानों के लिए दिन रात टेक ऑफ और लैंडिंग कर रहा है. जंग के मैदान में ये भारतीय वायुसेना का सबसे भरोसेमंद साथी है. चीन से तनाव के बीच पूर्वी लद्दाख में ये ग्लोबमास्टर हिंदुस्तान की वीर सेना की लाइफलाइन बन चुका है.

सर्दियों में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तैनाती की पूरी जिम्मेदारी ग्लोबमास्टर ही निभा रहा है. जब देश का पहला न्यूज चैनल टीवी9 भारतवर्ष पहली बार फॉरवर्ड लोकेशन पर पहुंचा तो ग्लोबमास्टर सेना के फॉरवर्ड बेस तक ड्रैगन को नेस्तोनाबूत करने के लिए सामान पहुंचाता दिखा और भारतवर्ष भी फॉरवर्ड लोकेशन पर ग्लोबमास्टर के उसी एक्शन का गवाह बना.

इन साजो सामान में आर्कटिक टेंट भी है. कमरा गर्म करने के लिए कैरो हीटर जैसी चीजें भी शामिल हैं. ये वो हथियार हैं, जिनकी ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को आने वाली सर्दियों में कुदरत से लड़ाई में सबसे ज्यादा जरूरत होगी. असल में ये सीमा पर लंबे समय तक डटे रहने की तैयारी है. संदेश साफ है कि हम किसी की ओर नहीं जाते लेकिन जब वो हमारी ओर आता है तो हम तोड़ते भी है और खदेड़ते भी है.

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