Global Hunger Index 2020: देश की 14 फीसदी आबादी कुपोषित, 107 देशों में 94वें नंबर पर भारत

इसके पीछे देश में भुखमरी की गंभीर समस्या, सही तरह से नीतियों का लागू न हो पाना, प्रभावी निगरानी की कमी और कुपोषण से निपटने के लिए कारगर तरीकों की कमी को ‘गंभीर हालत’ का मुख्य कारण माना गया है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 4:30 pm, Sat, 17 October 20
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India in Global Hunger Index (FILE)

भुखमरी को लेकर भारत के लिए एक बुरी खबर आई है. ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2020 में 107 देशों में से भारत 94वें स्थान पर है. इसके पीछे देश में भुखमरी की गंभीर समस्या, सही तरह से नीतियों का लागू न हो पाना, प्रभावी निगरानी की कमी और कुपोषण से निपटने के लिए कारगर तरीकों की कमी को ‘गंभीर हालत’ का मुख्य कारण माना गया है.

मालूम हो कि पिछले साल भारत की रैंकिंग 117 देशों में से 102 थी. इसके साथ ही पड़ोसी देश बांग्लादेश, म्यांमार और पाकिस्तान भी ‘गंभीर’ श्रेणी में हैं, लेकिन इस साल के हंगर इंडेक्स में ये देश भारत से ऊपर हैं. लिस्ट में बांग्लादेश 75वें, म्यांमार और पाकिस्तान 78वें और 88वें स्थान पर हैं.

भुखमरी और कुपोषण पर नजर रकने वाली ग्लोबल हंगर इंडेक्स की वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की 14 फीसदी आबादी कुपोषित है. साथ ही इसमें यह भी बताया गया है कि देश ने पांच साल से कम उम्र के बच्चों के बीच 37.4 प्रतिशत स्टंटिंग रेट और 17.3 प्रतिशत वेस्टिंग रेट दर्ज किया है. जबकि, पांच साल से कम उम्र के बच्चों के बीच मृत्यु दर 3.7 प्रतिशत है.

यहां समझें, वेस्टिंग का मतलब वो बच्चे, जिनका अपनी ऊंचाई के मुकाबले कम वजन होता है, जो गंभीर कुपोषण को दर्शाता है. वहीं स्टंटिंग का मतलब, पांच साल से कम उम्र के वो बच्चे, जिनकी उनकी उम्र के मुकाबले कम ऊंचाई होती है, ये क्रोनिक कुपोषण को दर्शाता है.