गोरखपुर की सीट पर फिर बीजेपी का कब्ज़ा, रवि किशन ने पाए 7 लाख से भी ज्यादा वोट

बीजेपी के हाथ से फिसली गोरखपुर सीट रवि किशन के ज़रिए एक बार फिर भगवा हो गई. उन्होंने 3 लाख से ज्यादा के अंतर से जीत दर्ज की.

यूपी की हाईप्रोफाइल सीट गोरखपुर को जीत कर रवि किशन ने भाजपा का परचम फहरा दिया है. योगी आदित्यनाथ ने जब यूपी के सीएम पद की शपथ ली तो उन्हें गोरखपुर का सांसद पद छोड़ दिया था जिसके बाद उपचुनाव में सपा के प्रवीण निषाद ने इस सीट को जीता था.

रवि किशन से हारनेवालों में रामभुवल निषाद रहे जिन्हें सपा ने टिकट दिया था. तीसरे नंबर पर कांग्रेस के मधुसूदन त्रिपाठी रहे. रवि किशन को अब तक 7,14,013 वोट मिले जबकि निषाद को 4,13, 510 वोट ही मिल सके. इस तरह रवि किशन को 3 लाख से ज्यादा वोटों से जीत मिली जो खुद में रिकॉर्ड है. बड़ी बात है कि खुद योगी आदित्यनाथ ने भी 2014 में 3 लाख वोटों के अंतर से गोरखपुर सीट जीती थी. योगी आदित्यनाथ ने इस सीट से पांच बार लगातार चुनाव जीता था. उनसे पहले उनके गुरू महंत अवैद्यनाथ भी यहीं से चार बार चुनाव जीते थे. उनसे पहले उनके गुरू महंत दिग्विजयनाथ इस सीट से सांसद रहे. गोरक्षनाथ पीठ को तब तगड़ा झटका लगा था जब सपा और बसपा ने मिलकर उनसे ये सीट झटक ली थी.

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गोरखपुर में कुल मतदाताओं का 15 प्रतिशत जो तकरीबन 3.5 लाख बनते हैं , निषाद वोटर हैं. 1999 में जब योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार यहां से चुनाव लड़ा था तो सपा प्रत्याशी राजमती निषाद के खिलाफ उनकी जीत का अंतर घटकर महज 7000 पहुंच गया था. इसके बाद से तकरीबन सभी पार्टियों ने निषाद कैंडिडेट को टिकट देने का प्रयोग किया लेकिन योगी की जीत का अंतर बढ़ता ही गया.