भारत-चीन की स्थिति पर सवालों से घबराई सरकार: कांग्रेस

कांग्रेस (Congress) ने आरोप लगाया कि वह लोकसभा (Lok sabha) में जवानों के सम्मान में अपनी बात रखना चाहती थी लेकिन सरकार ने उसे बोलने नहीं दिया. 
monsoon session, भारत-चीन की स्थिति पर सवालों से घबराई सरकार: कांग्रेस

मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में सीमा पर चीन (China) के साथ जारी गतिरोध पर सदन में चर्चा हुई. वहीं कांग्रेस (Congress) ने आरोप लगाया कि वह लोकसभा (Lok sabha) में जवानों के सम्मान में अपनी बात रखना चाहती थी लेकिन सरकार ने उसे बोलने नहीं दिया.  कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने इस मामले में सरकार पर चर्चा न करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने सवाल किया कि जब रक्षा मंत्री ने जवानों की शौर्यता और उनके सम्मान में प्रस्ताव पेश किया तो प्रधानमंत्री सदन मौजूद क्यों नहीं थे.

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उन्होंने आज सदन में लद्दाख मुद्दे पर जिक्र करते हुए प्रस्ताव की बात कही गई तो हम सबने हमारे सैनिकों के प्रति सम्मान जताने के लिए 1 मिनट का समय मांगा, लेकिन सरकार ने ऐसा होने नहीं दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि सवाल तो बहुत कुछ है लेकिन हम जानते हैं कि सरकार हमारे सवालों के जवाब नहीं देगी. सरकार के पास जवाब नहीं है इसलिए वह सदन में चर्चा कराने से डरते हैं. कांग्रेस ने कहा कि भारत-चीन की स्थिति पर सवालों से सरकार घबराई हुई है, यही वजह है कि उसे सदन में बोलने नहीं दिया गया.

आज सदन में जब सैनिकों के सम्मान पर चर्चा प्रस्ताव पास हुआ तो देश की रक्षा के लिए कम से कम प्रधानमंत्री की सदन में मौजूदगी जरूरी थी. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि प्रधानमंत्री सदन से नदारद रहे उन्हें किस बात का डर है. अधीर रंजन ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम ने ही कहा था ना कोई घुसा है ना चीनी फौज ने कब्जा किया हुआ है?

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इससे पहले सदन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और चीन के बीच लद्दाख (Ladakh) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LaC) पर चल रहे गतिरोध पर लोकसभा में कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद एक जटिल मुद्दा है. उन्होंने कहा कि सीमा विवाद को सुलझाने के लिए धैर्य की आवश्यकता है.

मानसून सत्र के दूसरे दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत चीन के बीच चल रहे गतिरोध पर सदन को संबोधित किया. रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत व चीन, दोनों ने औपचारिक तौर पर यह माना है कि सीमा का प्रश्न एक जटिल मुद्दा है जिसका समाधान आपसी सहमति और शांतिपूर्ण बातचीत के द्वारा निकाला जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि ‘चीन लद्दाख में भारत की लगभग 38,000 वर्ग किमी. भूमि पर अनधिकृत कब्जा किए हुए है. इसके अलावा, 1963 में एक तथाकथित सीमा समझौता के तहत पाकिस्तान ने PoK की 5180 वर्ग किमी. भारतीय जमीन अवैध रूप से चीन को सौंप दी है.’

 

 

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