कृषि कानूनों पर विरोध के बीच सरकार का फैसला- दो दिन पहले शुरू होगी फसलों की खरीद

माना जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला नए कृषि कानूनों (Agriculture Laws) पर किसानों के चल रहे विरोध को देखते हुए लिया है. देश भर में फसल खरीद की सामान्य तारीख 1 अक्टूबर है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 10:05 pm, Mon, 28 September 20

इस बार शीतकालीन चावल और धान की खरीद समय से दो दिन पहले शुरू होगी. सरकार ने आज इसकी घोषणा की है. माना जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला नए कृषि कानूनों (Agriculture Laws) पर किसानों के चल रहे विरोध को देखते हुए लिया है. देश भर में खरीद की सामान्य तारीख 1 अक्टूबर है. सरकार के एक नोट में कहा गया है, “यह सुनिश्चित करेगा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेचने में आसानी हो.”

इससे पहले सरकार ने पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana), जहां सबसे ज्यादा किसान इन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, इन दोनों राज्यों में समय से पहले ही फसल खरीद की शुरुआत कर दी है. राष्ट्रपति ने रविवार को संसद से पास कृषि बिलों को मंजूरी दे दी, जिसके बाद अब ये कानून बन गए हैं.

इतना ही नहीं सरकार ने इन आंदोलनों के चलते एक महीने पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य की भी घोषणा की थी. सरकार की तरफ से गेहूं, दाल और सरसों के MSP को भी बढ़ाया गया था. हालांकि, सरकार के इस कदम का भी किसानों पर कोई खासा असर देखने को नहीं मिला था.

“किसानों के आंदोलन को खत्म करने की साजिश”

वहीं किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन के एक नेता गुरनाम सिंह ने केंद्र सरकार के इस कदम को किसानों के आंदोलन को खत्म करने के लिए एक साजिश बताया है. अधिकांश संगठनों ने यह भी कहा कि अंतर कम करने के लिए MSP के दाम में बढ़ोतरी बहुत कम थी.

मालूम हो कि सरकार के इन तीन कानूनों के खिलाफ न सिर्फ विपक्ष बल्कि खुद NDA के पुराना सहयोगी अकाली दल ने भी आवाज उठाई और आखिर में खुद को NDA से अलग कर लिया. इससे पहले मोदी कैबिनेट में अकाली दल की एकमात्र मंत्री हरसिमरत कौर ने भी इसके विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

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