अगर अभी तक पैन आधार से लिंक नहीं है तो ये पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में केन्द्र सरकार की आधार योजना को संवैधानिक रूप से वैध माना था और इस बारे में निर्णय देते हुए कहा था कि पैन आवंटन करते समय और आयकर रिटर्न दाखिल करते हुए आधार का उल्लेख अनिवार्य बना रहेगा.

नई दिल्ली: जो लोग पिछले काफी समय से अपने पैन कार्ड को बायोमेट्रिक पहचान आधार से लिंक करवाने की जद्दोजहद में लगे हैं, अब उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है.  सरकार ने रविवार को पैन के साथ आधार को जोड़ने की समयसीमा को 6 महीने के लिए और बढ़ा दिया है, जिसके बाद लोग 30 सितंबर 2019 तक पैन को आधार से लिंक करा सकते हैं.

एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने में आधार नंबर का उल्लेख करना अनिवार्य बना रहेगा. यह छठा मौका है जब सरकार ने पैन को आधार से जोड़ने के लिए समयसीमा बढ़ाई है.

सरकार ने पिछले साल जून में कहा था कि हर व्यक्ति को 31 मार्च तक अपनी बायोमेट्रिक पहचान वाली आधार संख्या को पैन के साथ जोड़ना है. वहीं केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आज जारी किए अपने बयान में कहा, ‘‘यदि कोई विशिष्ट छूट नहीं दी जाती है तो, अब आधार संख्या के बारे में सूचना देने और पैन को आधार संख्या से जोड़ने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2019 है. ’’

सीबीडीटी ने कहा कि इस तरह की रिपोर्ट दिखाई दी हैं कि ऐसे पैन जो कि 31 मार्च तक आधार से नहीं जुड़े होंगे उन्हें अमान्य करार दिया जाएगा. इसके बाद सरकार ने मामले पर विचार करते हुए इन्हें आपस में जोड़ने की तारीख बढ़ाई है. बयान में कहा गया है कि बेशक आधार नंबर को पैन के साथ जोड़ने अथवा इस बारे में सूचना देने की तारीख बढ़ा दी गई है, इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि एक अप्रैल 2019 से आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आधार संख्या का उल्लेख करना अथवा उसे जोड़ना अनिवार्य होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में केन्द्र सरकार की आधार योजना को संवैधानिक रूप से वैध माना था और इस बारे में निर्णय देते हुए कहा था कि पैन आवंटन करते समय और आयकर रिटर्न दाखिल करते हुए आधार का उल्लेख अनिवार्य बना रहेगा. पांच सदस्यों वाली संविधान पीठ ने अपने फैसले में यह भी कहा था कि बैंक खातों के साथ आधार नंबर को जोड़ना और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा नए कनेक्शन के लिए आधार मांगना अनिवार्य नहीं होगा.

पिछले साल सितंबर तक देश में 41 करोड़ पैन जारी किए गए थे. इनमें 21 करोड़ से अधिक को आधार से जोड़ा गया. उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में आयकर कानून की धारा 139ए को सही ठहराया था. आयकर की इस धारा में कहा गया कि 1 जुलाई, 2017 को जिस व्यक्ति के पास पैन है और वह आधार पाने के लिए पात्र है, उसे कर प्रशासन को अपनी आधार संख्या की जानकारी देनी होगी.