सरकार ने ESI अंशदान 6.5 से घटाकर किया 4 फीसदी, 3 करोड़ से अधिक कर्मियों को होगा लाभ

मंत्रालय का कहना है कि अंशदान की घटी हुई दर से कामगारों को काफी राहत मिलेगी. साथ ही इस कदम से और अधिक कामगारों को ईएसआई योजना में लाने में सहायता मिलेगी.

नई दिल्ली: संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सरकार से बड़ा तोहफा मिला है. केंद्र ने राज्य कर्मचारी बीमा (ईएसआई) स्कीम में अंशदान की दर 6.5% से घटाकर 4% करने की घोषणा की है. इसमें नियोक्ता का अंशदान 4.75% से घटाकर 3.25% और कर्मचारी का अंशदान 1.75% से घटाकर 0.75% करने का फैसला लिया गया है.

5000 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान
केंद्र सरकार के इस फैसले से कंपनियों को सालाना लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है. इससे 3.6 करोड़ कर्मचारी और 12.85 लाख नियोक्ताओं को लाभ मिलेगा. आगामी एक जुलाई से घटी हुई दरें लागू कर दी जाएंगी.

मंत्रालय का कहना है कि अंशदान की घटी हुई दर से कामगारों को काफी राहत मिलेगी. साथ ही इस कदम से और अधिक कामगारों को ईएसआई योजना में लाने में सहायता मिलेगी. इसके अलावा, इससे ज्यादा से ज्यादा श्रमिक बल को औपचारिक क्षेत्र के अंतर्गत लाने का काम आसान हो सकता है.

कंपनियों पर वित्तीय बोझ घटेगा
दूसरी तरफ, अंशदान में नियोक्ता के हिस्से में कमी होने से कंपनियों को लाभ होगा. कंपनियों पर वित्तीय बोझ घटेगा, जिससे इनकी व्यावहारिकता में सुधार होगा. ऐसा होने से कारोबार करने की सुगमता और अधिक बढ़ेगी. साथ ही ईएसआई अंशदान की दर में कटौती से कानून का सही ढंग से के अनुपालन कराया जा सकेगा.

बता दें कि कर्मचारी राज्य बीमा कानून, 1948 के अंतर्गत बीमित व्यक्तियों को चिकित्सा, नकदी, मातृत्व, निशक्तता और आश्रित होने के लाभ प्रदान करता है. ईएसआई कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा प्रशासित है. ईएसआई कानून के अंतर्गत उपलब्ध कराए जाने वाले लाभ नियोक्ताओं और कर्मचारियों द्वारा किए गए अंशदान के माध्यम से वित्त पोषित होते हैं.

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