सरकार को बनानी होगी कोरोना से जंग की नई रणनीति, सीरो सर्वे रिपोर्ट के आंकड़े चौंकाने वाले

सीरो सर्वे के नतीजे (Sero survey results) बताते हैं कि मई के महीने में देश में लगभग 64 लाख लोग कोरोना संक्रमित (coronavirus) हो चुके हैं.

कोरोना संक्रमण (Covid-19) के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) ने सीरो सर्वे का परिणाम सार्वजनिक किया है. सीरो सर्वे के नतीजे (Sero survey results) बताते हैं कि मई के महीने में देश में लगभग 64 लाख लोग कोरोना संक्रमित (coronavirus) हो चुके हैं. इंडियन मेडिकल एसोशिएसन के संयुक्त सचिव डॉ अनिल गोयल (Dr Anil Goyal) ने टीवी9 भारतवर्ष से कहा कि यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं. सरकार को नए आंकड़ों को आधार बनाकर कोरोना से जंग के लिए अपनी रणनीति बदलनी चाहिए.

एलएनजेपी अस्पताल (Lok Nayak Jai Prakash Narayan Hospital) के मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुरेश ने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में बताया कि ज्यादा से ज्यादा टेस्ट से ही संक्रमण को रोकने में कामयाब होगी. जबतक यह पता नहीं चल पाएगा कि कौन संक्रमित है सरकार के लिए मुश्किल होगा रणनीति तैयार करना.

क्या है सीरो सर्वे के आंकड़े

जानकारी के अनुसार भारत में 11 मई से लेकर 4 जून के बीच सीरो सर्वे कराया गया. यह सर्वे देश के 21 राज्यों में किया गया जिसमें 4,28,000 वयस्कों के सैंपल लिए गए. आईसीएमआर की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार देश में मई महीने में 64 लाख लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके थे.

लोग ज्यादा से ज्यादा टेस्ट कराएं

एलएनजेपी अस्पताल के एमडी ने कहा कि सबसे बड़ी परेशानी इस बात को लेकर है कि लोग टेस्ट नहीं करवा रहे हैं. इसका बड़े स्तर पर खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.कई लोगों को लगता है कि बीमारी खुद ब खुद ठीक हो जाएगी, ऐसा नहीं है. कई लोगों में यह घातक साबित हो रहा है.ऐसे में सबसे अधिक जरुरी यह है कि लोग अधिक से अधिक टेस्ट कराएं.

इसको टेस्ट की जगह इलाज से जोड़ा जाए

कुछ डॉक्टरों का यह भी मानना है कि टेस्ट से अधिक इसे इलाज से जोड़ा जाए.एम्स के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ संजय राय के अनुसार बीमारी काफी व्यापक तरीके से फैल चुकी है. टेस्ट कराना एक विकल्प है लेकिन उससे ज्यादा जरुरी है कि इलाज में ज्यादा से ज्यादा डॉक्टरों को जोड़ा जाए और इसे जनसुलभ बनाया जाए. उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर इतनी भ्रांतियां हैं कि लोग डरे हुए हैं.

क्या होता है सीरो सर्वे?

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के संक्रमण के स्तर को जानने के लिए सीरो सर्वे शुरु किया. कई जगहों पर राज्य सरकार ने भी स्थानीय स्तर पर सर्वे का काम किया. दिल्ली में अबतक दो सीरो सर्वे हो चुके हैं. सीरो सर्वेक्षण में रक्त सीरम का परीक्षण किया जाता है और यह देखा जाता है कि किसी संक्रमण के खिलाफ उसमें एंटीबॉडीज विकसित हुईं हैं या नहीं.

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