कश्मीर में प्रदर्शन वाले वीडियो से ‘छेड़छाड़’, केंद्र सरकार ने मांगे सबूत

अन्य मीडिया संस्थान वीडियो को बीबीसी उर्दू के हवाले से बता रहे हैं और अभी तक किसी ने कोई वीडियो नहीं दिखाया है.

नई दिल्ली: बीबीसी और अलजज़ीरा जैसे मीडिया संस्थानों द्वारा कथित तौर पर फेक वीडियो दिखाने के मामले में केंद्र सरकार ने उनसे पूरा वीडियो दिखाने को कहा है.

दरअसल कश्मीर में आर्टिकल 370 के संशोधन के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज़ पढ़ने के लिए घाटी के लोगों को कर्फ्यू में ढील दी गई थी. बीबीसी उर्दू ने एक वीडियो जारी करते हुए दावा किया है नमाज़ के बाद लोगों ने कश्मीर से विशेष राज्य का दर्ज़ा छीने जाने को लेकर सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया है.

वहीं भारत सरकार का कहना है कि जो वीडियो दिखाई जा रही है वह सही नहीं है और उसके साथ छेड़छाड़ की गई है. हालांकि न्यूज़ संस्थान का कहना है कि वह वीडियो सही है और ज़रूरत पड़ी तो वो रॉ फुटेज दिखाने को भी तैयार हैं.

सूचना और प्रसारण मंत्रालय, गृह मंत्रालय और इंटेलिजेंस ब्यूरो सभी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया पर लगातार नज़र बनाए हुए है.

इनके मुताबिक ‘चार वीडियो और सात रिपोर्ट्स’ ऐसे हैं जो पूरी तरह से नक़ली और भ्रम पैदा करने वाला है. एजेंसी के मुताबिक इस तरह की भारत विरोधी रिपोर्टिंग से घाटी में अशांति फैल सकती है. इतना ही नहीं इससे घाटी में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ने की भी आशंका व्यक्त की गई है.

बता दें कि उपरोक्त सभी रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आर्टिकल 370 में संशोधन को लेकर घाटी के लोग सड़कों पर उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं.

अधिकारियों के मुताबिक गृह मंत्रालय विदेशी मीडिया संस्थानों द्वारा पूरा वीडियो दिखाने का इंतज़ार कर रहे हैं.

‘अन्य मीडिया संस्थान वीडियो को बीबीसी उर्दू के हवाले से बता रहे हैं और अभी तक किसी ने कोई वीडियो नहीं दिखाया है.’ अधिकारी ने आगे जोड़ते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय भी पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए है जिससे की घाटी से संबंधित कोई भी नक़ली वीडियो विदेशी मीडिया द्वारा प्रसारित न किया जाए.

बता दें की विदेशी मीडिया द्वारा एक वीडियो दिखाकर दावा किया जा रहा है कि लगभग 10,000 लोगों ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया. इतना ही नहीं भारतीय सुरक्षाकर्मियों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से निकाले गए प्रदर्शनकारियों पर हमला किया जिससे घाटी में हिंसा फैली है.

बीबीसी ने वीडियो जारी करते हुए लिखा, ‘भारत प्रशासित कश्मीर में अनुच्छेद 370 को ख़त्म किए जाने के बाद घाटी में तनावपूर्ण माहौल और सुरक्षाबलों की भारी तैनाती के बीच शुक्रवार को श्रीनगर के सौरा इलाके में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ है. भारत सरकार का दावा है कि ऐसा कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ, लेकिन बीबीसी के एक्सक्लूसिव वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे हैं. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे और पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया.’

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