भारतीयों के लिए ग्रीन कार्ड की वेटिंग लिस्‍ट 195 साल, US सीनेटर बोले- कानून लाकर ये समस्‍या दूर की जाए

अमेरिका में ग्रीन कार्ड (Green Card) को अधिकारिक रूप से स्थानीय निवासी होने के प्रमाण के रूप में जाना जाता है. यह एक तरह का दस्तावेज है जो सबूत है कि नागरिक को स्थायी रूप से अमेरिका में रहने का अधिकार प्राप्त है.

अमेरिका में एक भारतीय नागरिक को स्थायी निवास या ग्रीन कार्ड (Green Card) देने का बैकलॉग 195 वर्ष से अधिक है. एक टॉप रिपब्लिकन सीनेटर (Republican senator) ने अपने सीनेट सहयोगियों से इस समस्या का समाधान करने के लिए एक विधायी संकल्प के साथ आने का आग्रह किया है.

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सीनेटर माइक ली (Senator Mike Lee) ने बुधवार को कहा कि मौजूदा ग्रीन कार्ड नीति ने एक अप्रवासी के बच्चे के लिए कुछ नहीं किया, उसके मृत माता-पिता के ग्रीन कार्ड आवेदन को आखिरकार इसलिए अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि अब उसके पास नौकरी नहीं थी. उन्होंने कहा, “भारत के बैकलॉग में प्रवेश करने वाले किसी व्यक्ति को EB-3 ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए अब 195 साल तक इंतजार करना होगा.”

वित्तीय वर्ष 2019 में 9,008 भारतीय नागरिकों को श्रेणी 1 (EB1), 2,908 श्रेणी 2 (EB2) और 5,083 भारतीयों श्रेणी 3 (EB3) के ग्रीन कार्ड प्राप्त हुए थे.

माइक ली, सीनेटर डिक डर्बिन के उठाए गए कानून पर बोल रहे थे, जिसमें आप्रवासी श्रमिकों और उनके बच्चों की रक्षा करने का जिक्र था जो ग्रीन कार्ड बैकलॉग में फंस गए हैं. उन्होंने कहा “हमारा द्विदलीय समझौता बैकलॉग में फंसे अप्रवासी श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा को जोड़ेगा जो मूल बिल में नहीं थे. वे आव्रजन की स्थिति को खोए बिना नौकरियों को स्विच करने और यात्रा करने में सक्षम होंगे.”

ग्रीन कार्ड क्या है ?

अमेरिका में ग्रीन कार्ड को अधिकारिक रूप से स्थानीय निवासी होने के प्रमाण के रूप में जाना जाता है. यह एक तरह का दस्तावेज है जो सबूत है कि नागरिक को स्थायी रूप से अमेरिका में रहने का अधिकार प्राप्त है. अमेरिकी संसद में इस बिल को प्रतिनिधि सभा के सासंदों एब्बी फ़िन्केनॉयर, ब्रैड श्नाइडर, टॉम कोल और डॉन बेकन द्वारा पेश किया गया है.

फिलहाल अमेरिका में ज़्यादातर लोग H-1B और J-2 वीजा पर हैं. H-1B वीजा एक गैर-अप्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों में काम करने वाले प्रवासी कर्मचारियों को काम करने का परमिट देता है. कंपनिया भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को नियुक्त करती हैं और लोग इस वीजा पर निर्भर रहते है.

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