आंटी जी, तुम्हारी घटिया सोच के कारण न तो हमारी ड्रेस का साइज़ बदलेगा और न ही हम…

जानती हूं हिंसा किसी मामले का हल नहीं, लेकिन अब लगता है कि ऐसी औरतों को इन्हीं की भाषा में समझाना अब बहुत जरूरी हो गया है.

किसी ने सही कहा है औरत ही औरत की दुश्मन होती है. जिसका जीता जागता उदाहरण ये बेहूदा मानसिकता वाली महिला है, जो कि लड़कियों के शॉर्ट कपड़े देखकर, पास में बैठे लड़कों से कहती है कि इनका रेप किया जाए. इस वीडियो को पीड़ित लड़कियों में से एक शिवानी गुप्ता ने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया.

इस वीडियो के कैप्शन में शिवानी ने लिखा, आप लोग सुनिए, “आज यानी 30 अप्रैल 2019 को मैं और मेरी सहेलियों को एक महिला ने रेस्टोरेंट में प्रताड़ित किया, महिला ने सिर्फ़ इसलिए ऐसा किया, क्योंकि, हमने छोटी ड्रेस पहनी थी, अधेड़ उम्र की महिला का वीडियो आप फेसबुक पोस्ट पर देख सकते हैं, महिला ने सात पुरुषों के सामने रेस्टोरेंट में हमें प्रताड़ित किया और कहा कि इनका रेप किया जाए क्योंकि, इन्होंने छोटे कपड़े हैं और हमारे ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी की. जब हमने उनके बयान का विरोध किया, तो हम पर अपने विचार थोपने की कोशिश करने लगीं, हमारा उद्देश्य कोई हंगामा करना नहीं था, लेकिन हमने अपने साथियों के साथ मिलकर उस महिला को पास में एक शॉपिंग सेंटर में पकड़ लिया, हमने उस महिला को माफ़ी मांगने का चांस दिया, लेकिन वो महिला अपनी बात पर अड़ी रही, यहां तक कि शॉपिंग सेंटर पर मौजूद एक और महिला ने कमेंट करने वाली महिला को माफ़ी मांगने के लिए कहा, लेकिन वो इसके लिए आसानी से तैयार नहीं हुई. आप लोग ये वीडियो देखिए और शेयर कीजिए.”

इस वीडियो को देखने के बाद मैं तो इस सोच में हूं कि लड़कियों ने इस घटिया औरत को थप्पड़ क्यों नहीं मारा. अगर इन लड़कियों की जगह मैं होती तो इस आंटी का वो हश्र करती, जिसके बाद जिंदगी में ये औरत किसी बच्ची, लड़की या महिला के लिए इतनी अभद्र टिप्पणी करने लायक ही नहीं बचती. जानती हूं हिंसा किसी मामले का हल नहीं, लेकिन अब लगता है कि ऐसी औरतों को इन्हीं की भाषा में समझाना बहुत जरूरी हो गया है.

मैं इन लड़कियों और वहां मौजूद उस महिला को सलाम करती हूं, जिन्होंने अपनी बात बिना हिंसा के रखी और इस ढीट महिला को सबक सिखाया. अरे आंटी जी आपकी इस तरह की घटिया सोच है तो आपके लिए न तो हमारे कपड़े बदलेंगे, न हमारी ड्रेस का साइज बदलेगा और न ही तुम जैसी महामूर्ख औरतों के कारण हम खुद को बदलेंगे.

इस बेहूदा आंटी और इसके जैसी उन तमाम घटिया मानसिकता वाली औरतों से मैं ये जानना चाहती हूं, कि क्या इन्होंने खबरें सुनी है कि फलां जगह पर दो महीने की बच्ची का रेप हो गया? अब एक बात बताओ मूर्ख आंटी जी वो दो माह की बच्ची, जो कि अभी ठीक तरह से अपनी आंख भी नहीं खोल सकी. न अपनी मां को जानती है और न अपने परिवार को जानती है. पूरे दिन उसके ईर्द-गिर्द क्या होता है, उससे वह मासूम बेखबर है. न तो वो अपने छोटे कपड़ों से लड़कों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी और न ही वो इशारे कर किसी मर्द को अपने पास बुला रही थी. उस नासमझ बच्ची के साथ रेप हुआ, तो उसका क्या कारण रहा आपकी नजरों में?

अगर तुम्हारी इस घटिया सोच को मान भी लिया जाए कि लड़कियां छोटे कपड़े पहनकर अपना बदन दिखाकर लड़कों को अपने साथ कुछ भी करने का न्योता देती है, तो एक बात बताओ उस दो महीने की बच्ची ने कैसे न्योता दे दिया पुरुषों को कि आओ मेरे साथ कुछ भी करो? लड़कियों के कपड़ों से उनके आचरण और व्यवहार पर सवाल उठाने वाली आप होती कौन हैं?

अरे जलील औरत आप दूसरों को सीख दे रही हो, तो कुछ सीख खुद पर भी लागू कर लो. वैसे मुझे ये बात कहनी तो नहीं चाहिए, लेकिन आपकी इन घटिया बातों को सुनकर एक बात कहना चाहूंगी कि इतनी टाइट लैगिंग और सूट डालकर घूम रही हो, आपके साथ किसी ने गलत हरकत कर दी तो….. तब तो कहीं मुंह छिपाने के लायक नहीं रहोगी.

और ये कैसे भूल गई कि औरतें बिना दुप्पटे के बाहर नहीं निकलती हैं और आप तो बिना दुप्पटे के हर जगह घूम रही हो. अरे घर में जाकर बैठ जाओ, कहीं आपको किसी ने छेड़ दिया तो, फिर कैसे अपनी बेटी, पति और बेटे को मुंह दिखाएंगी.

जैस रेप करने वाले मर्दों की मानसिकता कुंठित है, वैसे ही आपकी मानसिकता अपाज है. आंटी जी, आपने पूरे समाज का ठेका ले रखा है कि किसे क्या पहनना चाहिए और किसे क्या नहीं. कुछ सीख देने ही है तो खुद को दो कि किसी महिला को इस कदर अपमानित न करे कि कोई लड़की औरत जात पर ही विश्वास करना छोड़ दे.

(मांफ कीजिए मैं इस औरत को सीधे टार्गेट कर रही हूं क्योंकि इस बदमिजाज महिला ने केवल मॉल की उन लड़कियों के मान-सम्मान को चोट नहीं पहुंचाई है, बल्कि उन तमाम महिलाओं का अपमान किया है जो कि आजादी और अपने दम पर जीना चाहती हैं.)