जहर खाने वाले युवक को अस्पताल की जगह मंदिर ले गए परिजन, हुई मौत

इस घटना के बाद, जीवराज का परिवार उसे एक मंदिर ले गया, जहां उन्होंने उसे बहुत सारा पानी पीने के लिए मजबूर किया. उन्हें उम्मीद थी कि पानी पीने के बाद जीवराज शरीर से जहर उगल देगा.

गुरुग्राम: जहर खाने वाले एक 28 वर्षीय युवक की बुधवार को उस समय मौत हो गई जब उसके परिजन उसे अस्पताल के बजाय मंदिर ले गए. गुरुग्राम के निवासी, जीवराज राठौर ने 13 मई को जहर खा लिया था. इस घटना के बाद, जीवराज का परिवार उसे एक मंदिर ले गया, जहां उन्होंने उसे बहुत सारा पानी पीने के लिए मजबूर किया. उन्हें उम्मीद थी कि पानी पीने के बाद जीवराज शरीर से जहर उगल देगा.

हालांकि उसकी दो दिन तक तबीयत खराब रही. जिसके बाद बुधवार को उसकी हालत गंभीर हो गई थी. हालत बिगड़ने के बाद परिजन जीवनराज को अस्पताल ले गए, जहां उसे कुछ देर बाद मृत घोषित कर दिया गया.

दरअसल परिजनों ने जीवराज को एक झील के पास बेहोश पाया था. जिसके बाद परिजन उसे प्राथमिक सहायता के लिए अस्पताल ले जाने की जगह मंदिर ले गए. उनका मानना ​​था कि मंदिर में प्रार्थना करने से जीवराज जल्द ही ठीक हो जाएगा.

पहले भी अंधविश्वास ने ली है कई लोगों की जान

यह पहला मामला नहीं है जहां अंधविश्वास के चलते किसी व्यक्ति की मौत हुई है. इससे पहले 12 मई को, केरल में एक आठ वर्षीय लड़के की मौत तब हो गई जब उसके माता-पिता रेबीज के लक्षण दिखने के बाद भी उसे एक झाड़-फूंक करने वाले के पास ले गए. माता-पिता का मानना ​​था कि काला जादू बच्चे को ठीक कर सकता है लेकिन चिकित्सीय देखभाल के अभाव में उसकी हालत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई.

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