हरसिमरत कौर का इस्तीफा एटम बम, इसने पीएम मोदी को हिलाकर रख दिया- सुखबीर बादल

सुखबीर बादल ने कहा हरसिमरत कौर (Harsimrat Kaur) का इस्तीफा भाजपा (BJP) के लिए परमाणु बम के रूप में आया है. इसने नरेंद्र मोदी को हिलाकर रख दिया है. अब हर दिन उनके मंत्री इस अधिनियम की व्याख्या कर रहे हैं, पहले वे सभी शांत थे.

कृषि विधेयकों का विरोध करते हुए पंजाब के किसान यूनियनों ने किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन से इंकार करते हुए दोहराया कि वो किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं चाहते हैं. इस बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर बादल (Sukhbir Badal) ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र के खिलाफ किसानों की लड़ाई के लिए एक मंच पर राजनीतिक संगठनों को साथ आना चाहिए.

सुखबीर बादल ने मलौत-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लांबी निर्वाचन क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया. यहां उन्होंने अपनी पत्नी हरसिमरत कौर (Harsimrat Kaur) के साथ एक धरने में भी हिस्सा लिया. ये राजनीतिक जोड़ी बादल गांव से धरना स्थल पर ट्रैक्टर की सवारी करते हुए पहुंचा, जो कि क़रीब 8 किलोमीटर दूर है.

परमाणु बम जैसा हरसिमरत का इस्तीफा-सुखबीर बादल

सुखबीर बादल ने हरसिमरत कौर के इस्तीफे की तुलना उस एटम बम से कर डाली जो द्वितीय विश्व युद्ध के वक्त जापान पर गिराया गया था. उन्होंने कहा कि जब जापान एक महाशक्ति था, अमेरिका ने उस पर एक एटम बम गिराया था, जिसने उस पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इसी तरह हरसिमरत कौर का इस्तीफा भाजपा के लिए एटम बम के रूप में आया है. इसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिलाकर रख दिया है. अब हर दिन उनके मंत्री इस अधिनियम की व्याख्या कर रहे हैं, पहले वे सभी शांत थे.

एक मंच पर साथ आएं राजनीतिक दल

धरना स्थल पर सुखबीर बादल ने कहा कि सभी किसानों को एक साझा मंच पर आना चाहिए जिससे कि दिल्ली समेत कैप्टन सरकार को हिलाया जा सके. उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों के लिए अकाली दल आगे आकर उनका नेतृत्व कर सकता है या पीछे रहकर भी उनका समर्थन कर सकता है. हमारा पास मुद्दा सिर्फ किसानों के अधिकारों की लड़ाई है.

1 अक्टूबर से किसानों के लिए मार्च

शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख ने ये भी कहा कि 1 अक्टूबर से दमदमा साहिब, अकाल तख्त और तख्त केशगढ़ साहिब से पार्टी के किसान समूह मार्च की शुरुआत करेंगे. भारत बंद के दौरान SAD ने किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए अपने ‘चक्का जाम’ कार्यक्रम के हिस्से के रूप में राज्य भर में बड़े विरोध प्रदर्शन किए. साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एक कैबिनेट बैठक बुलाकर राज्य को एक मंडी घोषित करने के लिए कहा. अकाली दल ने कहा कि उसने पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में चक्का जाम किया.

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