हरियाणा: बरी होने के बावजूद ‘रोहतक सिस्टर्स’ मामले से युवक परेशान, सरकारी नौकरी पर लटकी तलवार

कुलदीप (kuldeep) के पिता बलबीर जो एक पूर्व सैनिक (Ex- servicemen) हैं उन्होंने कहा, 'हम नहीं जानते कि कब ये केस हमारा पीछा छोड़ेगा? मेरा बेटा दोनों कोर्ट से निर्दोष साबित हुआ है. फिर भी वो इसका खामियाजा भुगत रहा है.'

हरियाणा के सोनीपत जिले (Sonepat District) में कुलदीप नाम के युवक का छेड़छाड़ के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद उसकी जिंदगी बदल गई. कोर्ट ने कुलदीप को मामले में निर्दोष पाया और बरी किए जाने के तान साल बाद भी सोनीपत की बहनों का मामला अभी भी कुलदीप को परेशान कर रहा है. क्योंकि इसकी तलवार उसकी सरकारी नौकरी पर लटक रही है.

कुलदीप (Kuldeep) सेना में शामिल होना चाहता था, लेकिन इस मामले के कारण उसकी उम्मीदवारी को खारिज कर दिया गया था. फिर उसने ग्रुप डी सर्विसेज परीक्षा को पास कर लिया और हरियाणा सशस्त्र पुलिस से अपॉइंटमेंट लेटर मिला, लेकिन मामले के कारण उसकी जॉइनिंग रुक गई. दरअसल कुलदीप का नाम रोहतक जिले के असन गांव के तीन युवकों में से एक है. जिस पर दोनों बहनों ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था.

2014 में दो बहनों ने लगाया था छेड़छाड़ का आरोप

28 नवंबर 2014 को सोनीपत जिले के थाना खूर्द गांव की पूजा और उसकी बहन आरती ने चलती बस में रोहतक जिले के असन गांव के तीन लड़कों पर छेड़छाड़ (Molestation)) का आरोप लगाया. इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और जांच के लिए स्पेशल टीम का गठन किया गया. पुलिस ने अपनी जांच में बहनों द्वारा लगाए आरोपों को गलत पाया.

कुलदीप के पिता बोले- मेरा बेटा निर्दोष

कुलदीप के पिता बलबीर जो कि एक पूर्व सैनिक हैं उन्होंने कहा, हम नहीं जानते की कब ये केस हमारा पीछा छोड़ेगा. मेरा बेटा दोनों कोर्ट से निर्दोष साबित हुआ हैं फिर भी वो इसका खामियाजा भुगत रहा है. इतना ही नहीं पुलिस की जांच में भी यह मामला झूठा साबित हुआ है.

बलबीर और उसकी पत्नी शकुंतला ने राज्य सरकार और एचएपी अथॉरिटी से उनके बेटे के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की है. डीआईजी कुलविंदर सिंह ने कहा है कि वह इस मामले को देखेंगे और तथ्यों की जांच करेंगे.

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