No रिलीजन No कास्ट No गॉड सर्टिफिकेट होगा वापस, इस अनोखे प्रमाणपत्र से सरकार की भी तौबा!

2018 में रवि ने फतेहबाद कोर्ट में याचिका दाखिल की कि उसका नाम बदलकर रवि कुमार एथिस्ट कर दिया जाए.
No God no caste no religion certificate, No रिलीजन No कास्ट No गॉड सर्टिफिकेट होगा वापस, इस अनोखे प्रमाणपत्र से सरकार की भी तौबा!

फतेहबाद: एक साल की लंबी लड़ाई के बाद हरियाणा सरकार ने 32 वर्षीय रवि कुमार को नो गॉड, नो कास्ट, नो रिलीजन सर्टिफिकेट तो जारी कर दिया, लेकिन इसके कुछ ही दिन बात प्रशासन ने यू-टर्न मार दिया.

सरकार अब रवि से उनका यह सर्टिफिकेट वापस लेने की तैयारी में है. इसके पीछे प्रशासन ने कारण बताया है कि हमने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर सर्टिफिकेट जारी कर दिया था, इसलिए अब उसे रवि कुमार से वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

अपना सरनेम नास्तिक लगा चुके रवि कुमार फतेहबाद के टोहाना के रहने वाले हैं. रवि कुमार का कहना है कि उनका भगवान पर से विश्वास तब उठ गया था, तब एक दिन कुछ लड़कों ने उन्हें पीट दिया था और उसने भगवान से प्रार्थना की थी कि उसे बचा ले. भगवान ने उन्हें नहीं बचाया. वह पहला दिन था जब भगवान हैं या नहीं का शक उनके जहन में घर कर गया.

इसके बाद कई ऐसी चीजें हुई जिनके बाद रवि का विश्वास भगवान से पूरी तरह से उठ गया. सबसे पहले तो रवि ने अपने हाथ पर नास्तिक (Atheist) का टैटू बनावाया. इसके बाद उन्होंने फैसला किया कि वे आधिकारिक रूप से एक नास्तिक के तौर पर अपनी पहचान बनाएंगे.

2018 में रवि ने फतेहबाद कोर्ट में याचिका दाखिल की कि उसका नाम बदलकर रवि कुमार एथिस्ट कर दिया जाए. पिछले साल कोर्ट ने रवि के हक में फैसला सुनाया. यह कानूनी लड़ाई जीतने के बाद रवि ने 29 अप्रैल, 2019 को फतेहबाद जिला प्रशासन से नो गॉड, नो कास्ट, नो रिलीजन सर्टिफिकेट के लिए संपर्क किया.

प्रशासन ने रवि को सर्टिफिकेट जारी भी किया, लेकिन शनिवार को उनसे यह सर्टिफिकेट वापस लेने की बात कह दी गई.

वहीं इसे लेकर रवि का कहना है, “अब यही मेरी पहचान है और इस लड़ाई को अंत तक लड़ने के लिए मैं तैयार हूं. अगर प्रशासन सर्टिफिकेट वापस लेने से संबंधित नोटिस भेजता है तो उसका जवाब देने के लिए मैं तैयार हूं.”

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