हाथरस कांड में सुनवाई यूपी से बाहर होगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, ये तीन बात होंगी तय

हाथरस मामले पर आज यानी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई (Hathras Case Supreme Court Hearing) हुई. यह सुनवाई मामले की जांच सीबीआई या SIT से किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में करवाने वाली याचिका पर थी.

  • Piyush Pandey
  • Publish Date - 1:21 pm, Thu, 15 October 20
Supreme Court
वर्चुअल‌ सुनवाई के दौरान वकील द्वारा कपड़े नहीं पहने होने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है.

हाथरस मामले पर आज यानी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई (Hathras Case Supreme Court Hearing) हुई. यह सुनवाई मामले की जांच सीबीआई या SIT से किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में करवाने वाली याचिका पर थी. इस दौरान माहौल थोड़ा गर्म भी हुआ, जब चीफ जस्टिस के नाराज होने पर पीड़िता की वकील सीमा कुशवाह को माफी मांगनी पड़ी. फिलहाल कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.

दरअसल, सुनवाई सीबीआई जांच को लेकर दायर याचिका पर थी, लेकिन इस दौरान बार-बार पीड़ित पक्ष ने मामले का ट्रायल दिल्ली शिफ्ट करने की अपील की. इसपर कोर्ट ने कहा है कि इसपर इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई करे और वह निर्णय ले, वही बेहतर होगा.

तीन चीजों का फैसला करेगा सुप्रीम कोर्ट

इस फैसले में बताया जाएगा कि सीबीआई जांच की निगरानी इलाहबाद हाईकोर्ट करेगा या सुप्रीम कोर्ट. यह भी तय होगा कि क्या ट्रायल को दिल्ली शिफ्ट किया जाए. सुप्रीम कोर्ट इसपर भी फैसला देगा कि पीड़ित परिवार, गवाहों की सुरक्षा यूपी पुलिस करेगी या फिर सीआरपीएफ.

हाथरस केस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ जानिए

पीड़ित परिवार कि तरफ से वकील सीमा कुशवाहा पेश हुईं. उन्होंने कहा कि परिवार कि तरफ से मांग रखी कि ट्रायल दिल्ली में चलाया जाए. उन्होंने ट्रायल को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की. इसपर यूपी सरकार की तरफ से पेश सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है.

यूपी सरकार ने पीड़िता के परिवार की सुरक्षा के बारे में बताया

सुप्रीम कोर्ट में सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता यूपी सरकार की तरफ से पेश हुए. उन्होंने बताया कि पीड़िता के परिवार की सुरक्षा के लिए क्या-क्या किया गया है. उन्होंने इसको लेकर हलफनामा दाखिल किया. बताया गया कि पीड़िता के पिता, मां, 2 भाई, भाभी, दादी को सुरक्षा दी गई है. साथ ही गांव में नाके पर और पीड़ित परिवार के घर के बाहर CCTV लगाया गया है. तुषार मेहता ने कहा कि लड़की की माता-पिता का नाम सार्वजनिक किया जा रहा है जो कि तरह से गलत है और आपराधिक गतिविधि है.

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सीमा कुशवाह ने चीफ जस्टिस से मांगी माफी

कोर्ट टिप्पणी कर रहा था इसी दौरान पीड़ित परिवार की वकील सीमा कुशवाह ने एक बार फिर कहा कि मामले का ट्रायल दिल्ली ट्रांसफर किया जाए. इसपर चीफ जस्टिस ने सीमा कुशवाहा से पूछा कि आपको बीच मे बोलने की इजाजत किसने दी? इसके बाद सीमा कुशवाहा ने कोर्ट से माफी मांगी.

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कोई हाथरस पीड़िता के नाम पर पैसा नहीं बना सकता है: तुषार मेहता

कोर्ट में एसजी तुषार मेहता ने तीस्ता सीतलवाड़ का भी जिक्र किया. उन्होंने इस मामले में पार्टी बनने का आवेदन दिया है. इसपर तुषार मेहता ने कहा कि तीस्ता का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है‌. मेहता ने आगे कहा, ‘कोई हाथरस के नाम पर पैसा नहीं बना सकता है.’