स्वास्थ्य विभाग की चमकी बुखार पर सफाई, मानसून और लीची को बताया मौत की वजह, देखिए VIDEO

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों को उपचार दिया जा रहा है, बारिश शुरू होने के बाद स्थितियों में सुधार होगा.

नई दिल्ली: बिहार में चमकी बुखार से 100 से ज्यादा बच्चों की हुई मौत के बाद शासन और प्रशासन की नींद टूट गई है. इस मामले को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है. आयोग ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है. वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने आपात बैठक बुलाई थी जोकि खत्म हो गई है.

बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि चमकी बुखार से इस वर्ष केवल 10% लोगों की मृत्यु की है, पिछले वर्ष की तुलना में ये आंकड़ा हो गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि चमकी बुखार के प्रकोप का कारण मानसून है.

स्वास्थ्य विभाग की सफाई
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों को उपचार दिया जा रहा है, बारिश शुरू होने के बाद स्थितियों में सुधार होगा. विभाग की ओर से कहा गया कि सीएम ने सलाह दी है, कि एक टीम उन बच्चों के घर का दौरा करेगी, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, मौतों की वजह की जांच करेंगे. यह कल से शुरू होगा. इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट दर्ज की जाएगी.
NHRC ने सोमवार को बिहार सरकार के मुख्य सचिव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी करते हुए अक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से बिहार के मुजफ्फरपुर में हुई मौतों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

आयोग ने मांगी रिपोर्ट
आयोग ने जापानी इंसेफलाइटिस के नियंत्रण एवं रोकथाम के कार्यक्रम (NPPCJA) को लागू करने के स्टेटस और मौजूदा हालात को संभालने के लिए उठाए गए दूसरे कदमों के बारे में भी जानकारी मांगी है. आयोग ने 4 हफ्तों में जवाब मिलने की उम्मीद जताई है.

मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार का कहर
गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से हर रोज बच्चों की मौत की खबरें आ रही हैं. टीवी9 भारतवर्ष ने इसको लेकर एक मुहिम चलाई जिसके बाद शासन प्रशासन की नींद टूटी. टीवी9 भारतवर्ष की मुहिम के बाद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्निवी चौबे और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने मुजफ्फरपुर का दौरा किया था. चमकी बुखार से होने वाली मौतों का आंकड़ा 103 तक पहुंच गया.

मौत का कारण
उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इलाके में चिलचिलाती गर्मी, नमी और बारिश के ना होने के चलते हाइपोग्लाइसीमिया (शरीर में अचानक शुगर की कमी) के कारण लोगों की मौत हो रही है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया था कि चमकी के कारण हो रही मौतों का कारण लीची भी हो सकती है। कहा जा रहा है कि मुजफ्फरपुर के आसपास उगाई जाने वाली लीची में कुछ जहरीले तत्व हैं.

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