दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री बोले प्लाज्मा मिलने में कोई दिक्कत नहीं, डेथ रेट को लेकर कही यह बात

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) ने बताया कि दूसरे राज्यों से यहां इलाज कराने वाले मरीजों की मौत के आंकड़े को अब हम अलग कर रहे हैं, पहले यह एक साथ ही काउंट होता था. 

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) ने प्लाज्मा को लेकर जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि प्लाज्मा मिलने को दिक्कत नहीं है. उन्होंने कहा कि आईएलबीएस से प्लाज्मा (Plasma) आसानी से मिल सकता है.

राजधानी में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डेथ परसेंटेज कम है. हर दिन चार-साढ़े चार हजार केसेज आ रहे हैं, उसके हिसाब से मरने वालों की संख्या कम है, उसके हिसाब से दर 0.75% है. पूरे देश के अंदर ही यह महामारी फैली हुई है. दिल्ली में तो सबसे कम प्रतिशत में मौत हो रही है. राज्य में रविवार को 3812 पॉजिटिव (Positive) केस थे और कुल 52,405 टेस्ट हुए. रविवार को पॉजिटिविटी रेट 7.27% रहा. वहीं 10 दिन का डेथ रेट 0.77% है. अभी तक डेथ रेट 2.02% है, अब तक 25 लाख से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं.

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि पहले दूसरे राज्यों से यहां इलाज कराने वाले मरीजों के मौत के आंकड़े को अब हम अलग कर रहे हैं, पहले यह एक साथ ही काउंट होता था.

आईसीयू बेड्स में कमी नहीं

स्वास्थ्य मंत्री ने आईसीयू बेड्स की कमी पर कहा कि जितने लोग बाहर से आ रहे हैं, वे पहले से मन बना कर आते हैं कि किस अस्पताल में जाना है. जिसका नाम उन्होंने सुना होता है, उसी के हिसाब से भर्ती होने वो यहां आते हैं. किसी को मैक्स जाना होता है, किसी को फोर्टिस जाना होता है. बाहर से आने वाले पेशेंट ज्यादातर आईसीयू (ICU) वाले पेशेंट हैं. अभी ऐसे डेढ़ हजार से ज्यादा लोग राजधानी में एडमिट हैं. दिल्ली में बाहर से आए लोगों की वजह से कुछ बड़े अस्पतालों से ऐसी खबरे आ रही हैं कि आईसीयू बेड्स की कमी है, लेकिन अभी भी हमारे पास एक हजार के करीब आईसीयू बेड उपलब्ध हैं. दिल्ली में जितने कुल लोग एडमिट हैं, उसके 30 फीसदी लोग बाहर के हैं.

LNJP में मात्र 24 आईसीयू बेड

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वेंटिलेटर और बिना वेंटिलेटर दोनों तरह के आईसीयू बेड्स (icu beds) हैं. आप दोनों देखिए, कोरोना ऐप (corona app) में सब कुछ लाइव दिख रहा है. कोई भी इसके जरिए जान सकता है कि कितने बेड उबलब्ध हैं.

ऐप के डाटा को लेकर शिकायतें 

कई बार ऐसा होता है कि कोई एक व्यक्ति चार अस्पतालों में फोन करके बोलता है कि उसके लिए बेड रखें, लेकिन उस दौरान कोई दूसरा आ जाए, तो उसको बेड दे ही देंगे. पिछले आठ-दस दिनों में एक हजार के करीब बेड बढ़ चुके हैं और हर रोज बेड्स की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही हैं.

कोविड टेस्टिंग में गड़बड़ी 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड टेस्टिंग में गड़बड़ी की दिल्ली में कोई शिकायत सामने नहीं आ रही है. देश के बाकी राज्यों में क्या है, उस पर हम कमेंट नहीं कर सकते.

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