भारत में तीन टीके Clinical Trial Stage में, प्लाज्मा थेरेपी पर अध्ययन जारी : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण (Rajesh Bhushan) ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि देश में 38 लाख 50 हजार से ज्यादा लोग कोरोना (Corona) से रिकवर हो चुके हैं. इस समय सिर्फ 5 राज्यों में 60% एक्टिव केस हैं.
health secretary of union ministry, भारत में तीन टीके Clinical Trial Stage में, प्लाज्मा थेरेपी पर अध्ययन जारी : स्वास्थ्य मंत्रालय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण (Rajesh Bhushan) ने मंगलवार को देश में बढ़ते कोरोना मामलों और टेस्टिंग को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा देश में 38 लाख 50 हजार से ज्यादा मरीज कोरोना (Corona) से रिकव हो चुके हैं. ये विश्व के सबसे ज्यादा रिकवर मरीज हैं.

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि हमने टेस्टिंग की क्षमता तेजी से बढ़ाई है. पिछले हफ्ते 76 लाख टेस्ट किए गए. 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में 5 हजार से कम एक्टिव केस हैं. 18 स्टेट में 5 हजार से 50 हजार एक्टिव केस हैं. सिर्फ 4 राज्यों में 50 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं.

राजेश भूषण ने कहा कि पांच राज्यों में 60% एक्टिव केस हैं. इन पांच राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु हैं. उत्तर प्रदेश में सप्ताह दर सप्ताह केस बढ़ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि 5 राज्यों में, जिसमें महाराष्ट्र में डेथ केस बढ़ रहे हैं, कर्नाटक में नए केस में स्टेटबिलिटी के आसार हैं. वहीं उत्तर प्रदेश में प्रति दिन मृत्यु बढ़ रही है. आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में तीन हफ्ते से डेथ केस में कमी आ रही है. प्रति मिलियन आबादी के हिसाब से भारत सबसे कम मामलों वाले देशों में एक है.

देश में तीन टीके क्लिनिकल ट्रायल स्टेज में

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद ICMR के DG प्रो. (डॉ) बलराम भार्गव ने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल 100 सालों से किसी न किसी रूप में किया जा रहा है. इसका इस्तेमाल कई वायरस संक्रमणों के इलाज में किया जाता है. कोविड-19 में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है, ये कारगर है या नहीं इस पर अभी अध्ययन चल रहा है.

उन्होंने कहा कि फिलहाल तीन टीके भारत में क्लिनिकल ट्रायल स्टेज में हैं. कैडिला और भारत बायोटेक ने पहले चरण का ट्रायल पूरा कर लिया है. सीरम इंस्टीट्यूट ने दूसरे चरण-B3 ट्रायल को पूरा कर लिया है और मंजूरी के बाद 14 जगहों पर 1500 मरीजों के साथ तीसरे चरण का ट्रायल शुरू होगा.

लगातार बढ़ा रहे टेस्टिंग की संख्या

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत में डेथ प्रति मिलियन आबादी 58 मृत्यु है जबकि विश्व में ये 10 से 11 गुना है. उन्होंने कहा कि लगातार टेस्टिंग की संख्या बढ़ी है. 7 जुलाई को 1 करोड़ टेस्ट हुए और 27 दिन में 1 करोड़ से 2 करोड़ टेस्ट हो गए. आगे 4 करोड़ टेस्ट से 5 करोड़ टेस्ट में 10 दिन लगेंगे.

राजेश भूषण ने कहा कि दिल्ली में टेस्ट बढ़ाने के लिए हमने कहा है. महाराष्ट्र में भी टेस्ट बढ़ाने के लिए कहा गया है. सिम्प्टोमेटिक रैपिड टेस्ट में निगेटिव आने वाले को RTPCR करवाना जरूरी है, इसके लिए हमने राज्यों से कहा है. मामलों में रिकवरी तेजी से हो रही है.

ऑक्सीजन की नहीं है कोई कमी

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है. देश के पास हजारों मीट्रिक टन सरप्लस ऑक्सीजन है. अभी कोरोनावायरस के छह प्रतिशत से ज्यादा रोगियों को ऑक्सीजन की आवश्यकता है, जिसमें से 3.69% ऑक्सीजन सपोर्ट के लिए, 2.17% ICU बेड (ऑक्सीजन के साथ), 0.36% वेंटिलेटर सपोर्ट (ऑक्सीजन के साथ) के लिए हैं.

राजेश भूषण ने कहा, ‘ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है बल्कि 1900 मीट्रिक टन का सरप्लस है. यह समस्या तब आती है, जब फैसिलिटी लेवल पर आपके पास इंवेंट्री मैनेजमेंट नहीं होता.’

भूषण ने कहा कि देश के पास 6900 मीट्रिक टन से ज्यादा ऑक्सीजन का उत्पादन करने की क्षमता है. कोविड-19 रोगी और गैर-कोविड आवश्यक सेवाओं को मिलाकर रोजाना उपयोग में 2800 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्रयोग में लाई जाती है.

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