देश की इंच-इंच जमीन से निकालेंगे घुसपैठिए: अमित शाह

बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान सवालों के जवाब दिए.

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान अवैध तरीके से रह रहे शरणार्थियों को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, ‘देश की इंच-इंच जमीन पर रह रहे घुसपैठिये की पहचान कर अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर हम उन्हें देश से निकालेंगे.’

NIA आतंकवाद के खिलाफ सक्षम होगी

उन्होंने कहा, ‘अभी जो एनआरसी असम में लागू है, वह असम समझौते का हिस्सा है. जिस घोषणा पत्र के आधार पर हमारी सरकार चुनकर आई है, यह उसका भी हिस्सा है. मैं सदन को भरोसा देना चाहता हूं कि दुनिया में जहां पर भी भारतीयों के खिलाफ आतंकवाद का अपराध होगा तो वहां NIA की एजेंसी उसको डील करने में सक्षम होगी’

समझौता ब्लास्ट का किया जिक्र

गृहमंत्री ने कहा, ‘समझौता ब्लास्ट में 7 लोग पकड़े गए थे. हमारी एजेंसियों ने उन्हें पकड़ा था और अमेरिकी एजेंसियों ने भी कहा कि इन्होंने विस्फोट किया है. बाद में एक धर्म के साथ आतंकवाद को जोड़ने के लिए एक नया केस बनाया और जो अपराधी थे उन्हें छोड़कर नए लोगों के नाम उसमें जोड़ दिए गए.’

1951 में तैयार हुआ एनआरसी

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स 1951 में तैयार किया गया. इसके मुताबिक जिन लोगों ने 24 मार्च 1971 को आधी रात में राज्य में प्रवेश किया है, उन सभी को भारतीय नागरिक का दर्जा प्राप्त है. एनआरसी को अपडेट करने की प्रक्रिया 2013 में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में शुरू की गई.

31 जुलाई को होगा फाइनल सूची का प्रकाशन

30 जुलाई 2018 को प्रकाशित सूची में 2.9 करोड़ लोगों को शामिल किया गया, जबकि आवेदन 3.29 करोड़ लोगों ने किया था. इस सूची में 44 लाख लोगों को बाहर कर दिया गया था. असम में एनआरसी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में अपडेट की जा रही है. 31 जुलाई तक इसकी फाइनल सूची का प्रकाशन किया जाना है.

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