मुसलमान चिंता न करें, कोई डराए तो डरिए मत ये नरेंद्र मोदी सरकार है: CAB पर बोले अमित शाह

नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) राज्‍यसभा में पेश कर दिया गया है. गृहमंत्री ने सदन के पटल पर बिल रखते हुए कहा कि इस बिल के प्रावधान में, लाखों करोड़ों लोग जो नर्क की यातना का जीवन जी रहे हैं, उन्हें नई आशा दिखाने का ये बिल है.

राज्यसभा में आज गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) पेश करते हुए कहा कि कुछ लोगों द्वारा भ्रांति फैलाई जा रही है कि ये बिल मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है. जो इस देश के मुसलमान हैं उनके लिए इस बिल में कोई चर्चा या चिंता का उल्लेख नहीं हैं. फिर ये किसकी चिंता कर रहे हैं?

उन्होंने कहा कि इस बिल में हम तीनों पडोसी देशों के धार्मिक अल्पसंख्यकों को संरक्षण देकर उनको नागरिक बनाने की प्रक्रिया का संशोधन लेकर आये हैं. साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों के अधिकारों को संरक्षित करने के लिए भी हम प्रावधान लेकर आये हैं.

‘मुसलमान चिंता न करे’

उन्होंने कहा कि इस देश के मुसलमान नागरिक हैं और रहेंगे, कोई चिंता का विषय नहीं है. जो प्रताड़ित लोग आए हैं उनको जीने का हक़ मिलना चाहिए या नहीं? माइनॉरिटी और मुसलमान चिंता न करें, कोई बरगलाए या डराए तो डरिये मत ये नरेंद्र मोदी सरकार है.

‘धर्म और सम्मान को बचाने के लिए भारत आ गए’

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान और उस समय के पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में लगभग 20- 20% अल्पसंख्यकों की आबादी कम हो चुकी है. आखिर कहां गए वो लोग? या तो वो मार दिए गए या धर्म परिवर्तन हो गया या वो लोग शरणार्थी बनकर अपने धर्म और सम्मान को बचाने के लिए भारत आ गए.

जो लोग कह रहे हैं कि हम वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं, मैं उन सब साथियों को कहना चाहता हूं कि हमने चुनाव के पहले ही ये इरादा देश के सामने रखा था, जिसे देश की जनता ने समर्थन दिया है.

‘अल्पसंख्यकों को सम्मान का जीवन नहीं मिला’

उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद हमारी कल्पना थी कि जो नागरिक यहां अल्पसंख्यक रहते हैं और जो पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक हैं वो सम्मान के साथ जीवन जी पाएंगे. अपने धर्म का सम्मान के साथ पालन कर पाएंगे, अपने परिवार का सम्मान से रक्षण कर पाएंगे.

लेकिन दशकों बाद इसकी तरफ हम देखते हैं तो कटु सच्चाई ये सामने आई है कि बांग्लादेश, पाकिस्तान या अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों को सम्मान का जीवन नहीं मिला. वहां अल्पसंख्यकों की घोर प्रताड़ना हुई.

नई आशा दिखाने का ये बिल है’

अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि आज मैं एक ऐतिहासिक बिल लेकर सदन में उपस्थित हुआ हूं. इस बिल के प्रावधान में, लाखों करोड़ों लोग जो नर्क की यातना का जीवन जी रहे हैं, उन्हें नई आशा दिखाने का ये बिल है.

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