CBSE एग्जाम की कॉपियां चेक करने के लिए 3000 रीजनल सेंटर की मंजूरी

CBSE बोर्ड परीक्षाओं की आंसर शीट का मूल्यांकन अध्यापक अपने घर पर ही करेंगे. 3 हजार सीबीएसई केंद्रों से आंसर शीट अध्यापकों के घर तक ले जाने और वहां से वापस इन्हें इन केंद्रों तक लाने की परमिशन भी गृह मंत्रालय ने दे दी है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 4:55 pm, Sun, 10 May 20
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गृह मंत्रालय ने CBSE Board Exams 2020 की आंसर शीट चेक करने के लिए CBSE से संबंधित 3000 स्कूलों को खोलने की परमिशन दे दी है. मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार रेड जोन में भी सीबीएसी केंद्रों को खोलने की मंजूरी दी गई है. इस कदम से 1.5 करोड़ आंसर शीट जल्‍द चेक की जा सकेंगी. हालांकि कंटेनमेंट जोन में ऐसी किसी गतिविधि की इजाजत नहीं दी गई है.

गृह मंत्रालय ने यह अनुमति 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को चेक करने के लिए दी गई है. गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद दिल्ली, अजमेर, भुवनेश्वर, चेन्नई, देहरादून, गुवाहाटी, पंचकूला, पटना, त्रिवेंद्रपुरम, बेंगलुरु, भोपाल, चंडीगढ़, नोएडा और पुणे में सीबीएसई के केंद्र खोले जा रहे हैं.

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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने कहा, “गृह मंत्री जी का धन्यवाद  व्यक्त करते हुए आप सभी को यह सूचित कर रहा हूं कि आज विद्यार्थियों के हित में  गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार देश की 3000 सीबीएसई स्कूलों को मूल्यांकन केंद्र के रूप में चिह्न्ति किया गया है.”

उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि हम 173 विषयों की 1.5 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जल्दी करेंगे और जैसे ही 29 विषयों की परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच में संपन्न होगी. उनके मूल्याकंन के बाद जल्द ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे.”

बोर्ड परीक्षाओं की आंसर शीट का मूल्यांकन अध्यापक अपने घर पर ही करेंगे. 3 हजार सीबीएसई केंद्रों से आंसर शीट अध्यापकों के घर तक ले जाने और वहां से वापस इन्हें इन केंद्रों तक लाने की परमिशन भी गृह मंत्रालय द्वारा दी गई है.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस विषय में एक अहम फैसला लिया. इस फैसले के तहत मूल्यांकन केंद्रों से आंसर शीट को सीधे टीचर्स के घर भेजी जाएगा.

इससे पहले शुक्रवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 10वीं और 12वीं की बटी हुई बोर्ड परिक्षाओं की डेट का ऐलान कर दिया है. यह परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच ली जाएंगी. इस दौरान केवल बची हुई परीक्षाएं करवाई जाएंगी. छात्र जिन परीक्षाओं को पहले दे चुके हैं उन्हें दोबारा नहीं लिया जाएगा.

दसवीं की बची हुई बोर्ड परिक्षाएं केवल उत्तर पूर्वी दिल्ली के उन छात्रों के लिए कार्रवाई जा रही हैं. जो पहले इन परिक्षाओं में शामिल नहीं हो सके थे.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “लंबे समय से सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाओं की तिथि का इंतजार था. आज इन परीक्षाओं की तिथि एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच में निश्चित कर दी गई है. मैं इस परीक्षा में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं.”

10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सीबीएसई ने अपना रुख स्पष्ट किया है. सीबीएसई के मुताबिक दसवीं के बोर्ड की यह परीक्षाएं केवल उत्तर पूर्वी दिल्ली के छात्रों के लिए ली जाएंगी.

उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी के बाद उपजी हिंसा के कारण यहां दसवीं कक्षा के छात्र अपने परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके थे. स्थिति को देखते हुए सीबीएसई ने इन छात्रों को बची हुई  परीक्षाओं में दोबारा शामिल होने का मौका दिया था.

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