बेल के बाद जेल से निकल हनीप्रीत सीधे पहुंची राम रहीम की गुफा, हुआ जोरदार स्वागत

हनीप्रीत इंसान डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसान की गोद ली हुई बेटी हैं. यह फैसला 2017 में पंचकुला में हुई हिंसा से जुड़े एक मामले में हुआ है. हनीप्रीत के ऊपर लगे देशद्रोह के आरोपों से मिली राहत के बाद उनकी जमानत याचिका मंजूर हुई है.

सिरसा: पंचकुला की एक अदालत ने बुधवार को हनीप्रीत इंसान को जमानत दे दी है. जमानत के बाद हनीप्रीत लाव लस्कर के साथ डेरा सच्चा सौदा पहुंची हैं. इस दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया और जमकर आतिशबाजी भी गई.

हनीप्रीत इंसान डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसान की गोद ली हुई बेटी हैं. यह फैसला 2017 में पंचकुला में हुई हिंसा से जुड़े एक मामले में हुआ है. हनीप्रीत के ऊपर लगे देशद्रोह के आरोपों से मिली राहत के बाद उनकी जमानत याचिका मंजूर हुई है.

हरियाणा के पंचकुला की एक अदालत ने बुधवार को उनके खिलाफ लगे देशद्रोह के आरोप को हटा लिया था. साल 2017 में पंचकुला में हुई हिंसा में शामिल अन्य 35 आरोपियों के खिलाफ भी ये आरोप हटाए गए हैं.

मालूम हो कि साल 2017 में पंचकुला में हुई हिंसा के चलते डेरा के प्रवक्ता आदित्य इंसान और कोर कमेटी के सदस्यों पर हिंसा के आरोप लगाए गए थे. इस मामले में पुलिस ने 41 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमे से आदित्य इंसान के साथ 5 लोगों को अदालत ने पिछले ही साल दोषी घोषित कर दिया था.

पुलिस चार्जशीट के मुताबिक हनीप्रीत ने डेरा की 45 सदस्यों की मैनेजमेंट कमेटी के साथ मिलकर ये योजना बनाई थी कि अगर गुरमीत राम रहीम को रेप के मामले में सजा हो जाती है तो वे हिंसा का सहारा लेंगे. 17 अगस्त 2017 को ये प्लान डेरा के सिरसा हेडक्वार्टर में बनाया गया.

मीटिंग कर की थी हिंसा की प्लानिंग
प्रॉसिक्यूशन पक्ष ने तो यहां तक कहा कि इस मीटिंग में गुरमीत राम रहीम,आदित्य इंसान और हनीप्रीत इंसान मौजूद थे. उन्होंने इस बात के भी सबूत दिए कि इस ही मीटिंग में तय किया गया कि डेरा के समर्थक डंडे, छतरियां और मिर्ची पाउडर लेकर पंचकुला में इकट्ठे होंगे और अगर राम रहीम रेप के मामले में दोषी साबित होते हैं, तो हिंसा का सहारा लिया जाएगा.

इस के उलट हनीप्रीत के वकील ध्रुव गुप्ता का कहना है कि क्योंकि कोर्ट ने देशद्रोह के आरोप को हटा दिया है, ये जमानत कि अर्जी डालने के लिए एक ”अच्छा ग्राउंड” है. इन सारी दलीलों को सुनने के बाद एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज संजय सुधीर ने हनीप्रीत और उनके साथियों पर पंचकुला में हुई हिंसा के मामले में IPC के तहत धाराएं लगाईं.

हनीप्रीत 2017 से अंबाला सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में थी. 2017 में हुई हिंसा सीबीआई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ थी जिसके तहत गुरमीत राम रहीम को दोषी पाया था. इस हिंसा के चलते 42 लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में डेरा समर्थकों पर करीब 200 आपराधिक मामले चले थे और 1000 से ज्यादा डेरा समर्थकों को हिरासत में लिया गया था.