तबलीगी जमात: 36 घंटे बाद निकाले गए 2366, एक ने की आत्महत्या की कोशिश, हॉस्पिटल स्टाफ परेशान

निजामुद्दीन मरकज से काफी लोगों को राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल लाया गया है, लेकिन अस्पताल के स्टाफ के साथ ये लोग सपोर्ट नहीं कर रहे हैं. स्टाफ इनको साफ-सफाई का बोल रहे हैं तो ये लोग अपने ही हिसाब से चल रहे हैं.
Hospital staff upset with the people of Tabligi Jamaat, तबलीगी जमात: 36 घंटे बाद निकाले गए 2366, एक ने की आत्महत्या की कोशिश, हॉस्पिटल स्टाफ परेशान

निजामुद्दीन की मरकज में शामिल होने वाले तबलीगी जमात के 2366 लोगोंं को 36 घंटों के ऑपरेशन के बाद निकाल लिया गया है. 2366 में से 1810 को क्वारंटीन पर रखा गया है, वहीं 556 को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. अब मरकज की इमारत खाली करा ली गई है.अभी तक 24 जमातियां कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं.

तबलीगी जमात से आए एक कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत हो गई है. दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती इस मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई. फिलहाल मरीज की मौत कोरोनावायरस के चलते हुई है या नहीं? ये जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगी.

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मंगलवार रात को मरीज की मौत हुई जिसके बाद उसका शव मोर्चरी में सुरक्षित रख दिया है, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों को नहीं पता है कि ये शव किसे सौंपना है? डॉक्टरों का कहना है कि अभी तक राजीव गांधी अस्पताल में 150 से ज्यादा कोरोना संदिग्ध मरीज हैं, जिनमें से 50 से ज्यादा संक्रमित हैं.

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निजामुद्दीन मरकज से भी काफी लोगों को यहां लाया गया है, लेकिन अस्पताल के स्टाफ के साथ ये लोग सपोर्ट नहीं कर रहे हैं. स्टाफ इनको साफ-सफाई का बोल रहे हैं तो ये लोग अपने ही हिसाब से चल रहे हैं. डॉक्टरों ने उन्हें काफी समझाया भी, लेकिन कोई जमाती उनकी बात नहीं सुन रहा है. इसीलिए बुधवार को अस्पताल प्रबंधन ने इसकी शिकायत दिल्ली सरकार से कि है.

बालकनी से कूद रहा था जमाती

वहीं बुधवार को अस्पताल में एक संदिग्ध जमाती ने बालकनी से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था, लेकिन समय रहते डॉक्टरों ने उसे बचा लिया. इसके चलते अस्पताल में डॉक्टरों के लिए काफी चुनौती बढ़ गई है.

अस्पताल के निदेशक डॉ. बीएल शेरवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इस वक्त 150 से ज्यादा कोरोना के मरीज अस्पताल में भर्ती हैं. इनमें से 50 से ज्यादा संक्रमित हैं. मरकज से काफी लोगों को यहां लाया है. इनमें से एक मलेशिया निवासी संदिग्ध मरीज ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. जबकि एक अन्य ने बॉलकनी से कूदने की कोशिश की थी, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचा लिया.

दिल्ली पुलिस और सभी जिला प्रशासनों ने मिलकर जमातियों की तलाश तेज कर दी है. इसी के सिलसिले में बुधवार को राजधानी की कई मस्जिदों में जांच भी की गई.

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