कर्नाटक: 190 सेकेंड की फोनकॉल आई काम, पुलिस ने जोड़ीं गौरी लंकेश-एमएम कलबुर्गी हत्या की कड़ियां

कोर्ट रिकॉर्ड (Record) के मुताबिक गणेश मिस्किन के दो रिश्तेदारों में से एक रवि मिस्किन फोन पर अपने अंकल से बात कर रहा था कि उसका बड़ा भाई गणेश दो हत्याओं में शामिल था. फोन (Phone) पर बातचीत की रिकॉर्डिंग को कर्नाटक पुलिस ने सबूत के तौर पर चार्जशीट के साथ रखा है,

2017 में हुई पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मुख्य आरोपी के दो रिश्तेदारों के बीच फोनकॉल पर हुई बातचीत में कर्नाटक पुलिस की एक विशेष जांच टीम (SIT) को एक और हाई प्रोफाइल केस में उसके सामने होने के अहम सबूत मिले हैं. यह हाई प्रोफाइल मामला कन्नड स्कॉलर एमएम कलबुर्गी की हत्या का है.

कोर्ट के रिकॉर्ड के हिसाब से जुलाई 2018 में 28 साल के गणेश मिस्किन को गिरफ्तार किए जाने के तुरंत बाद, उसके दो रिश्तेदारों ने फोन पर उसकी गिरफ्तारी को लेकर बातचीत की थी. दरअसल गणेश मिस्किन ही वह शख्स था, जो गौरी लंकेश के कथित हत्यारे परशुराम वाघमारे को मोटरसाइकिल से उनके घर लेकर गया था.

दो रिश्तेदारों की फोनकॉल से खुला हत्याओं का राज

कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक गणेश मिस्किन के दो रिश्तेदारों में से एक रवि मिस्किन फोन पर अपने अंकल से बात कर रहा था कि उसका बड़ा भाई गणेश दो हत्याओं में शामिल था. फोन पर बातचीत की रिकॉर्डिंग को कलबुर्गी पुलिस ने सबूत के तौर पर चार्जशीट के साथ रखा है, ताकि गणेश के दोनों मामलों में शामिल होने की बात पर जोर दिया जा सके.

190 सेकेंड की कॉल रिकॉर्ड से जुड़ी दो हत्या के बीच की कड़ी

190 सेकेंड की कॉल रिकॉर्डिंग से पुलिस को गौरी लंकेश और एमएम कलबुर्गी की हत्या की कड़ी को जोड़ने में मदद मिली है.  22 जुलाई 2018 को 11 बजकर 51 मिनट की कॉल रिकॉर्डिंग के हिसाब से मिस्किन के भाई ने कहा कि गणेश मिस्किन और उसका एक दोस्त एक और हत्या में शामिल थे. जब उसके अंकल ने पूछा कि वह दो हत्या में शामिल थे, तो जवाब मिला-हां. रिकॉर्ड्स के हिसाब से जिस दिन हुबली में मिस्किन और उसके दोस्त अमित बद्दी को एसआईटी ( SIT) ने गिरफ्तार किया, यह कॉल रिकॉर्डिंग भी उसी दिन की है.

एसआईटी ( SIT)की टीम ने कानूनी तौर पर प्रभाव बनाने के लिए कॉल रिकॉर्डिंग की तकनीकी तौर पर पुष्टि के लिए मिस्किन के दोनों रिश्तेदारों की आवाज के सैंपल का मिलान भी किया है. पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या 5 सितंबर 2017 को हुई थी, वहीं एमएम कलबुर्गी की हत्या 30 अगस्त 2015 को हुई थी. कर्नाटक स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब की बैलिस्टिक रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि दोनों हत्याओं में कुछ संबंध है.

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