रंगीन मिजाज नित्यानंद आखिर कैसे पहुंचा दक्षिण अमेरिका?

बुधवार को नित्यानंद के अहमदाबाद आश्रम पर गुजरात पुलिस ने छापा मारा था. नित्यानंद अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है.
nityanand case, रंगीन मिजाज नित्यानंद आखिर कैसे पहुंचा दक्षिण अमेरिका?

कर्नाटक में दुष्कर्म का मामला दर्ज होते ही रंगीन मिजाज स्वंयभू बाबा नित्यानंद छिपने के लिए इधर-उधर भाग रहा था. इसके बाद नित्यानंद पाप धोने के लिए एक बार कुंभ मेले में भी पहुंचा था. लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार को बाबा के दुष्कर्म के मामले में फंसने की भनक लग गई, लिहाजा 2018 के कुंभ मेले में उसे ठौर नहीं मिल पाया.

इतना ही नहीं गुजरात पुलिस यह मानकर चल रही है कि आरोपी नित्यानंद दक्षिण अमेरिका के किसी शहर में मौजूद है! ऐसे में सवाल यह पैदा होता है कि क्या नित्यानंद सितंबर 2018 से पहले ही दक्षिण अमेरिका भाग चुका था? क्योंकि सितंबर 2018 में ही उसके पासपोर्ट का नवीनीकरण (रिन्यूवल) होना था, जोकि अभी तक नहीं हुआ है.

बच्चों को कब्जे से मुक्त कराया

ये तमाम सनसनीखेज खुलासे अहमदाबाद पुलिस द्वारा की जा रही तफ्तीश में हो रहे हैं. उल्लेखनीय है कि बुधवार को नित्यानंद के अहमदाबाद आश्रम पर गुजरात पुलिस ने छापा मारा था. छापे के दौरान कुछ नाबालिग बच्चों को नित्यानंद की अनुयायी महिलाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया था.

अपहरण का केस दर्ज

अहमदाबाद आश्रम को चलाने की जिम्मेदारी निभा रही नित्यानंद की दोनों विश्ववसनीय महिला सहयोगियों को अहमदाबाद देहात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. इस सिलसिले में पुलिस ने अहमदाबाद देहात के थाना विवेकानंद में तीन लोगों के खिलाफ अपहरण आदि धाराओं में केस दर्ज किया था.

इन तीन आरोपियों में दो महिलाएं (पहले से ही गिरफ्तार और फिलहाल पुलिस हिरासत में) तथा तीसरा आरोपी खुद नित्यानंद है. नित्यानंद अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है.

जानकारी लगी हाथ

गुजरात पुलिस के हाथ कुछ ऐसी जानकारियां लगीं हैं, जिनके मुताबिक, मास्टरमाइंड नित्यानंद का पासपोर्ट (नंबर जेड 1864348), जोकि बेंगलुरू पासपोर्ट दफ्तर से एक अक्टूबर, 2008 को जारी किया गया था, वह 30 सितंबर, 2018 तक ही मान्य था. यह जानकारी हाथ लगते ही गुजरात पुलिस ने बेंगलुरू पासपोर्ट कार्यालय से संपर्क साधा.

पासपोर्ट का रिन्यूवल नहीं

अहमदाबाद देहात के पुलिस उपाधीक्षक के.टी. कमरिया ने टेलीफोन पर शनिवार रात एक न्यूज एजेंसी को बताया, “बेंगलुरू पासपोर्ट कार्यालय ने आरोपी का पासपोर्ट नवीनीकरण न होने की बात की पुष्टि की है. बेंगलुरू पासपोर्ट कार्यालय ने कहा कि नित्यानंद ने पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए अप्लाई किया था, लेकिन एन.ओ.सी न मिलने के कारण उसके पासपोर्ट का रिन्यूवल नहीं किया जा सका.”

गुजरात पुलिस सूत्रों के मुताबिक, “पासपोर्ट संबंधी जानकारियों की पड़ताल के दौरान ही कुछ ऐसी बातें भी सामने आई हैं कि नित्यांनद पासपोर्ट रिन्यूवल की तारीख काफी करीब आने से पहले ही दक्षिण अमेरिका के किसी शहर में जाकर छिप गया!”

विदेश भागने में कैसे सफल?

ऐसे में सवाल उठता है कि जब नित्यानंद दक्षिण अमेरिका भागने में कामयाब हो ही चुका था, तो फिर उसे भारत में पासपोर्ट के रिन्यूवल की जल्दी क्या थी? दूसरा सवाल, अगर पासपोर्ट का नवीनीकरण नहीं हो सका तो फिर नित्यानंद विदेश भागने में कब और कैसे सफल हो गया? कमरिया ने एक न्यूज एजेंसी से कहा, “इन्हीं तमाम सवालों के जबाब हम लोग तलाशने में जुटे हुए हैं.”

कुंभ मेले में नहीं होने दिया शामिल

गुजरात पुलिस के ही एक आला अफसर ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा, “अब तक सामने आए तथ्यों से ही पता चला है कि कर्नाटक में बाबा पर दुष्कर्म का केस दर्ज होने के कुछ समय बाद ही वह कुंभ मेले में शिरकत करने भी पहुंचा था.

दुष्कर्म का मामला अदालत में पहुंचने पर इधर-उधर छिपते फिर रहे नित्यानंद ने सन 2018 में भी कुंभ मेले में शामिल होने का जुगाड़ करना चाहा था. तब तक उसके द्वारा कर्नाटक में किए गए कुकर्मो की चर्चा आम हो चुकी थी. लिहाजा उत्तर प्रदेश प्रशासन ने उसे 2018 के कुंभ मेले में पांव रखने की इजाजत ही नहीं दी.” (इनपुट आईएएनएस)

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