होश उड़ा देगी शातिर चीन के जासूसी नेटवर्क की ये पूरी कहानी

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव (Sanjeev Yadav) ने चीन के जिस जासूसी नेटवर्क (China spy Network) का खुलासा किया उसकी पूरी कहानी होश उड़ा देने वाली है.

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव (Sanjeev Yadav) ने चीन के जिस जासूसी नेटवर्क (China spy Network) का खुलासा किया उसकी पूरी कहानी होश उड़ा देने वाली है. शातिर चीन कैसे दौलत के दम पर भारत में जासूसी का जाल बिछाता है. सैंकड़ों डॉलर देकर सरहद पर सेना की तैनाती और सरकार की सीक्रेट नीतियों की टोह लेता है.अपनी प्रोपेंगेडा मशीनरी का हिस्सा बनाता है और स्पाई नेटवर्क के पकड़े जाने पर चीखता चिल्लाता है.

स्पेशल पुलिस ने दिल्ली के फ्रीलांस पत्रकार राजीव शर्मा (Rajeev Sharma) को दबोच लिया. इस स्पाई नेटवर्क में शामिल चीनी महिला और नेपाली नागरिक को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद चीनी सरकार का मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स बौखला उठा.खुद एडिटर इन चीफ हू शिजिन भी राजीव शर्मा के बचाव में आ गए. भारत के खिलाफ आग उगलने लगे.

दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने कैसे किया जासूसी जाल का भंडाफोड़

अब आपको बताते हैं कि कैसे खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर दिल्ली पुलिस ने चीन के जासूसी जाल का भंडाफोड़ किया. चीन के लिए जासूसी करने के आरोपी भारतीय फ्रीलांस पत्रकार राजीव शर्मा को चीनी महिला चिंग शी एक फर्जी शेल कंपनी बनाकर जासूसी के लिए मोटी रकम देती थी.

दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि राजीव शर्मा पिछले कई सालों से चीन के लिए जासूसी कर रहा था. चीन को रक्षा और कूटनीतिक नीतियों से जुड़े गोपनीय दस्तावेज मुहैया करा रहा था. और तो और गिरफ्तारी के वक्त भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजीव के पास से संवेदनशील जानकारियों से जुड़े कई गोपनीय दस्तावेज बरामद किए.

जासूसी नेटवर्क के सनसनीखेज खुलासे में दिल्ली पुलिस ने बताया कि राजीव शर्मा एक चीनी खुफिया अधिकारी माइकल के संपर्क में था. जिसे लगातार वो सरहद पर भारतीय सेना की तैनाती की गुप्त खबरें देता था.

जिसमें डोकलाम में चीन-भूटान और भारत के ट्राई-जंक्शन पर सेना की तैनाती और भारत-म्यांमार के बीच सैन्य सहयोग से जुड़ी जानकारियां भी शामिल थीं. पुलिस के मुताबिक राजीव शर्मा को हर काम के लिए 500 डॉलर मिलते थे. 2019 से अब तक उसे 30 लाख रुपये मिल चुके थे.ये पेमेंट हवाला, फर्जी कंपनियों और वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिए मिलते थे.

चीन के संपर्क में कैसे आया जासूस राजीव शर्मा

दिल्ली पुलिस के मुताबिक राजीव शर्मा ने 2010 से लेकर 2014 तक ग्लोबल टाइम्स के लिए कई आर्टिकल लिखे. जिसके बाद चीनी खुफिया एजेंसी के एजेंट माइकल ने लिंकडिन के जरिए राजीव शर्मा से संपर्क साधा और उसे कुनमिंग शहर में एक मीडिया कंपनी में इंटरव्यू के लिए आने का बुलावा भेजा. ट्रिप की पूरी फंडिंग माइकल ने की.

जिसके बाद कुनमिंग में हुई मीटिंग में राजीव को भारत-चीन संबंध से जुड़ी अंदरूनी जानकारी देने को कहा. इसके बाद राजीव, माइकल और माइकल के एक जूनियर शोऊ ने लाओस और मालदीव में उससे मुलाकात की.तीनों सोशल मीडिया के जरिए भी एक दूसरे के संपर्क में थे.

ये चीन के जासूसी तार की एक कड़ी थी.जिसके सामने आते ही एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने लगा है.चीन की एक महिला ने नेपाल के एक युवक से शादी की और एक भारतीय दंपति की तरह दोनों भारत में रहने लगे. कहने को तो ये दोनों एक कंपनी चलाते थे.कंपनी से पैसों का लेनदेन भी होता था. लेकिन ये सारा खेल जासूसी का था.

ऐसे पहुंचती थी राजीव तक मोटी रकम

दिल्ली पुलिस के मुताबिक 2019 के जनवरी में राजीव शर्मा कुनमिंग के एक और शख्स जॉर्ज के संपर्क में आया. काठमांडु के जरिए वहां पहुंचकर उससे मुलाकात भी की.जॉर्ज की पहचान एक चीनी मीडिया कंपनी के जनरल मैनेजर के तौर पर कराई गई.

बैठक में जॉर्ज ने राजीव को दलाई लामा के बारे में लिखने के लिए कहा. बदले में हर आर्टिकल के 500 डॉलर देने का भरोसा दिया.जॉर्ज ने कहा पूरी रकम दिल्ली के महिपालपुर में उसकी बहन की कंपनी के जरिए राजीव तक पहुंच जाएगी. यही वो फर्जी कंपनी थी जो चीनी महिला चिंग शी चला रही थी.

पुलिस के मुताबिक MZ Pharmacy और MZ Malls नामकी ये फर्जी कंपनियां दो चीनी नागरिक झांग चांग और उसकी पत्नी चांग-लि-लिया सूरज और ऊषा के नाम से चला रहे थे. दोनों इस वक्त चीन में हैं.उनके बदले ये कंपनी चिंग शी और उसका नेपाली सहयोगी शेर सिंह चला रहे थे.

चीन को कौन सी खुफिया जानकारी दी, पुलिस कर रही तफ्तीश

दिल्ली पुलिस ने तीनों की ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है. 14 सितंबर को गिरफ्तार राजीव को पहले छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया. सोमवार को तीनों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट ने फिर सात दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया.

अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ये पता करने को कोशिश कर रही है कि तीन चीनी जासूसों को तिकड़ी ने चीन को कौन-कौन सी खुफिया जानकारी दी.ड्रैगन के स्पाई नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं. चीनी जासूसों का ये जाल भारत में कहां तक फैला है.मामले की तह तक जाने के लिए राजीव के करीबियों पर भी नजर रख रही है. उसके नेटवर्क से जुड़े कई लोग शक के दायरे में हैं.ऐसे कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई है.इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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