बीजेपी प्रवक्ता पर जूता फेंकने वाले शक्ति भार्गव को छोड़ा

शक्ति भार्गव की कॉल डिटेल से भी ये पता करने की कोशिश की जा रही है कि उसे किसी ने ये करने के लिए तो नहीं कहा.
जीवीएल नरसिम्हाराव, बीजेपी प्रवक्ता पर जूता फेंकने वाले शक्ति भार्गव को छोड़ा

नई दिल्ली: बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा पर जूता फेंकने के मामले में हिरासत में लिए गए डॉक्टर शक्ति भार्गव को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है. दिल्ली के कमला मार्केट स्पेशल स्टाफ के दफ्तर में शक्ति भार्गव से पूछताछ की गई. इस पूछताछ में आईबी के अधिकारी भी मौजूद रहे. दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ ऑफिसर के साथ आईबी के अधिकारियों ने भी पूछताछ की.

सेंट्रल ज़िले के डीसीपी रंधावा ने बताया की भाजपा मुख्यालय में भी आरोपी शक्ति भार्गव से पूछताछ की गई थी. पुलिस के मुताबिक वो केवल मीडिया अटेंशन चाहता था. इसलिए उसने इस वारदात को अंजाम दिया.

ये था मामला-

बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरुवार को हंगामा हो गया था. बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा प्रेस को संबोधित कर रहे थे तभी एक शख्स ने उन पर जूता फेंक दिया था. इसके बाद वो मंच की तरफ आगे बढ़ा. लेकिन तब तक बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने उसको पकड़कर मारते हुए बाहर ले गए. जिस शख्स ने जूता फेंका था उसका नाम शक्ति भार्गव बताया गया.

जानकारी के अनुसार जूता फेंकने वाला 31 साल का शक्ति भार्गव उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला है.

शक्ति भार्गव के फेसबुक टाइमलाइन से पता चलता है कि वो लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ पोल – खोल का दावा करता रहा है. उसने अपनी पत्नी शिखा भार्गव के साथ की तस्वीर को प्रोफाइल इमेज बनाया है.

शक्ति भार्गव का लेटेस्ट पोस्ट 16 अप्रैल का है. इसमें उसने किसी सरकारी कंपनी लाल इमली मिल्स के कर्मचारियों का जिक्र किया है जो उसके बंदी के बाद दर दर की ठोकरें खा रहे हैं. शक्ति भार्गव के मुताबिक 14 कर्मचारी आत्महत्या कर चुके हैं. वो अपने को व्हिसल ब्लोओर बताते हुए इनके हक की लड़ाई की बात करता है.

जानकारी के मुताबिक शक्ति भार्गव कानपुर का रहने वाला है, वहीं इसके परिवार का ही भार्गव हॉस्पिटल है. लेकिन पिछले कुछ सालों से परिवार में झगड़ा चल रहा है. भार्गव  2 साल से मां से अलग रह रहा है, उसको जायदाद से भी बेदखल कर रखा है. बताया जा रहा है कि प्लॉट से संबंधित कोई मामला चल रहा है जिसे लेकर भार्गव परेशान चल रहा था. इसका कोर्ट में केस चल रहा है और मानसिक तौर पर परेशान चल रहा था.

एक पोस्ट में उसने लिखा है , “2014 में मोदी ने कहा था – न खाऊंगा, न खाने दूंगा.. NaMo 2019 – NO voice against corruption within the Government.”

शक्ति भार्गव ने लगभग हर पोस्ट में ऊपर लिखी लाइनें हैं. वो संगीत का शौकीन भी है. भार्गव ने शकील बदायूंनी के भक्ति गीत को पोस्ट किया है.

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